नगर निगम ने अमृत मिशन के तहत राजधानी शिमला के विकास के लिए 400 करोड़ का सर्विस लेवल इंप्लिमेंटेशन प्लान (एसएलआईपी) तैयार किया है। आज नगर निगम के स्पेशल हाउस में यह प्लान स्वीकृति के लिए लाया जाएगा। प्लान के तहत 400 करोड़ से शहर में विभिन्न विकास कार्य होंगे। डीसी कार्यालय स्थित बचत भवन में दोपहर बाद ढाई बजे स्पेशल हाउस होगा।
हाउस में सर्विस लेवल इंप्लिमेंटेशन प्लान पर पार्षदों के साथ चर्चा की जाएगी। नगर निगम हाउस से अप्रूवल के बाद एसएलआईपी को स्टेट लेबल हाई पावर कमेटी को भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार सर्विस लेवल इंप्लिमेंटेशन प्लान के आधार पर एसएएपी तैयार करेगी। तीस अक्तूबर से पहले एसएलआईपी और एसएएपी को स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा।
अमृत मिशन के तहत पहले चरण में राजधानी में पानी की आपूर्ति में सुधार, स्मार्ट मीटर, वाटर ट्रीटमेंट, नई पाइप लाइन बिछाने और सीवरेज लाइन के विस्तार का काम प्रस्तावित है। मिशन के तहत होने वाले इन कार्यों से सबसे अधिक राहत लोगों को जलसंकट से मिलने की है। शहर का पेयजल सिस्टम अगर दुरुस्त होता है तो लोगों को भरपूर पानी मिल सकता है। फिलहाल लोग आए दिन पेयजल संकट झेलने को मजबूर हैं। इस मिशन के तहत काम होने पर लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इसमें पेयजल सिस्टम को दुरुस्त किया जाएगा।
नवंबर में शुरू हो जाएगा काम
राजधानी में पेयजल की आपूर्ति में सुधार, स्मार्ट मीटर, वाटर ट्रीटमेंट, नई पाइप लाइन बिछाने और सीवरेज लाइन के विस्तार का काम होना प्रस्तावित है। अमृत मिशन के तहत राजधानी शिमला में नवंबर माह से विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। एसएलआईपी और एसएएपी को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। डीपीआर अप्रूव होते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
स्पेशल हाउस में होगी चर्चा : प्रशांत
एसएलआईपी पर चर्चा के लिए
स्पेशल हाउस बुलाया है। हाउस में पार्षदों के साथ एसएलआईपी पर विचार विमर्श
होगा। हाउस की अप्रूवल के बाद एसएलआईपी को स्टेट लेबल हाई पावर कमेटी को
भेजा जाएगा।
-प्रशांत सरकेक सहायक आयुक्त, नगर निगम