60 वर्ष से अधिक आयु के 801 वरिष्ठ नागरिकों की स्क्रीनिंग में 313 की आंखों में निकला मोतियाबिंद
विज्ञापन
क्रॉसर
विभाग के मोतियाबिंद की जांच को जिला में चलाया गया अभियान
स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से रोगियों के होंगे मोतिया के ऑपरेशन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बुजुर्गों की आंखों में मोतियाबिंद के मामले बढ़ रहे हैं। जिला शिमला में हाल ही में जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय द्वारा सरकार की मोतियाबिंद जांच और उपचार योजना के तहत करवाई गई स्क्रीनिंग में यह खुलासा हुआ है।
इस सर्वे में 60 साल से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों की जांच की गई जिसमें 39 फीसदी में मोतिया पाया गया है। विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जिला शिमला के पांच स्थानों पर लगाए गए मोतिया जांच शिविरों में 801 बुजुर्गों की स्क्रीनिंग की जिसमें से 313 में मोतियाबिंद पाया गया है। इस स्क्रीनिंग में सामने आए आंकड़ों से साफ है कि 60 साल से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को अपनी आंखों की विशेष देखभाल करने की जरूरत है। इन्हें समय पर अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए जांच और उपचार करवाने की जरूरत है, जिससे उनकी आंखें की रोशनी सही रहे।
जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा ने बताया कि कल्याण विभाग पहली बार बुजुर्गों की जांच और उपचार के लिए जिला में जुन्गा, रामपुर, कुपवी, नेरवा और चिड़गांव में नेत्र जांच शिविर लगाए गए हैं। इसमें मोतियाबिंद का पता लगाने के लिए स्क्रीनिंग की गई। कुल 801 बुजुर्गों में से 313 में मोतियाबिंद पाया गया है। इन बुजुर्गों के लिए अब उनके नजदीकी अस्पतालों में आंखों के ऑपरेशन करवाए जाएंगे। विभाग की ओर से इसके लिए दिशा निर्देश और शेड्यूल आने पर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से अस्पतालों में ऑपरेशन की तिथियां दी जाएंगी। इसकी सूचना स्क्रीनिंग में पाए गए रोगी बुजुर्गों को विभाग की ओर से दे दी जाएगी।