निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 20,120 मामले शैक्षणिक सत्र 2024-25 के हैं। वर्ष 2025-26 के 12,084, 2023-24 के 3,654 और 2022-23 के 2,862 मामले लंबित हैं। लंबित मामलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की प्री-मैट्रिक व पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के साथ पीएम-यशस्वी योजना शामिल है। वर्ष 2024-25 में पीएम-यशस्वी पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के 9,694 और प्री-मैट्रिक के 7,131 मामले लंबित हैं। निदेशालय के अनुसार कई आवेदन संस्थान और राज्य स्तर पर सत्यापित हो चुके हैं, लेकिन बैंक खाते में आधार सीडिंग नहीं होने से भुगतान आगे नहीं बढ़ पाया है।
राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर भुगतान रिकॉर्ड से जुड़ी दिक्कत भी सामने आई है। निर्देशों के अनुसार, पोर्टल समय-समय पर पुराने भुगतान लॉग हटा देता है। वर्ष 2022-23 के लिए भुगतान प्रक्रिया प्रतिबंधित होने से एससी विद्यार्थियों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में केंद्र सरकार के हिस्से से संबंधित डेटा आगे नहीं बढ़ सका है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने संस्थानों को विद्यार्थियों के बैंक खातों की स्थिति जांचने और आधार सीडिंग में आ रही कमियां दूर कराने को कहा है। जरूरत पड़ने पर विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी कर अनुपालन रिपोर्ट भेजनी होगी। विद्यार्थियों को भी बैंक से संपर्क कर खाते में आधार सीडिंग और एनपीसीआई मैपिंग की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।