परिवहन विभाग ने सरकार से किया स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी के जिले में 32 इलेक्टि्रक बसों के रूट परमिट का मामला लटक गया है। इसको लेकर हिमाचल पथ परिवहन निगम ने राज्य परिवहन अथॉरिटी के पास रूट परमिट के लिए आवेदन किया था।
हाल ही में आरटीए शिमला की बैठक का आयोजन परिवहन निदेशक की अध्यक्षता में हुआ। इसमें एचआरटीसी की ओर से इलेक्टि्रक बसों के रूट परमिट को लेकर किए आवेदन पर चर्चा की गई। परिवहन विभाग के मुताबिक इलेक्टि्रक बसों के रूट परमिट को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन नहीं होने से अथॉरिटी ने अभी इसकी मंजूरी नहीं दी है। परिवहन विभाग इसको लेकर प्रदेश सरकार से जल्द स्थिति स्पष्ट करने को लेकर पत्र लिखेगा। विभाग के मुताबिक इससे पहले एचआरटीसी ने शिमला शहर में 68 डीजल बसों की जगह इलेक्टि्रक बसों को चलाने के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन इस बार शिमला शहर को छोड़कर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 32 नए रूटों पर इलेक्टि्रक बसें चलाने के लिए नए रूट परमिट मांगे हैं। रूट परमिट को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन नहीं होने से विभाग इसमें सतर्कता बरत रहा है, जिससे भविष्य में इसको लेकर किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़े।
विज्ञापन
320 इलेक्टि्रक बसें खरीद रही सरकार
प्रदेश सरकार जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के लिए ई-बसों को बढ़ावा दे रही है। यही वजह है कि प्रदेश सरकार जल्द 320 इलेक्टि्रक बसें खरीदने जा रहा है, जिससे शहर के ज्यादातर रूटों पर इलेक्टि्रक बसों को चलाया जा सके। इन बसों की खरीद को लेकर वर्तमान में टेंडर प्रकिया चल रही है। इसके अलावा इलेक्टि्रक वोल्वो खरीदने की योजना भी है।
आरटीओ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि आरटीए की बैठक में एचआरटीसी की ओर से 32 रूटों पर इलेक्टि्रक बसों को चलाने के लिए मांगे रूट परमिट को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन नहीं होने से कोई फैसला नहीं लिया गया है। प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में भी ऐसे मामलों में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।