राजधानी शिमला को 30 नहीं अब 50 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। इसी माह 30 इलेक्ट्रिक बसों की खेप शिमला पहुंच जाएगी जबकि 20 इलेक्ट्रिक बसें जून माह में शहर को मिलेंगी। 8.5 मीटर लंबी नौ इलेक्ट्रिक बसें शिमला पहुंच चुकी हैं। पहली बस 17 फरवरी को शिमला पहुंची थी। इसके बाद चार चार बसों की दो खेप शिमला पहुंची हैं। बसों का निर्माण करने वाली कंपनी को बसें सप्लाई करने के लिए 15 अप्रैल तक समय दिया गया है, हालांकि कंपनी का दावा है कि 31 मार्च तक ही सभी बसें शिमला पहुंचा दी जाएगी।
7 मीटर लंबी 20 अन्य बसों की खरीद के लिए एचआरटीसी ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह बसें जून माह में शिमला पहुंच जाएगी। 50 नई ई-बसें मिलने के बाद शहर में चल रहीं पुरानी डीजल बसें रिप्लेस कर दी जाएंगी। शहर में इस समय दस साल पुरानी जेएनएनयूआरएम के तहत मिली लाल बसें चल रही हैं। हालांकि अब इनका रंग बदल दिया गया है। पुरानी बसें न सिर्फ जगह जगह हांफ रही है बल्कि प्रदूषण भी अधिक फैला रही हैं। इलेक्ट्रिक बसें आने के बाद इन पुरानी डीजल बसों को शहर से बाहर कर दिया जाएगा।
जाम से निजात दिलाएंगी छोटी बसें
7 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसों का शहर में संचालन शुरू होने के बाद ट्रैफिक जाम की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। मौजूदा समय में शहर में चल रही एचआरटीसी की नीली बसें नौ मीटर लंबी हैं। इन बसों की लंबाई अधिक होने के कारण कई बार मोड़ों पर यह बसें फंस जाती हैं। बसों को पार्क करने के लिए भी अधिक जगह की जरूरत पड़ती है। छोटी बसें आने के बाद यह समस्या नहीं रहेगी।