अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) की वीरवार को बैठक होगी। इसमें वित्त कमेटी से 26 मार्च को अनुमोदित वार्षिक बजट को पारित किया जाएगा। कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में विवि के कर्मचारियों का नुमाइंदा नहीं होगा। जबकि, राज्यपाल के नामित दो नए सदस्य पूर्व प्रति कुलपति प्रो. एनके शारदा और पूर्व डीएस प्रो. वीपी शर्मा पहली बार शामिल होंगे। विश्वविद्यालय की इस सर्वोच्च संस्था की नई प्रदेश सरकार के पहले बजट के बाद हो रही पहली बैठक में मुख्य रूप से वित्त से संबंधित मामलों पर चर्चा होगी। वहीं, खर्च को विवि के घाटे को कम करने पर भी चर्चा कर आय स्रोत बढ़ाने पर सहमति बन सकती है। एजेंडे में वित्त कमेटी से अनुमोदित छात्रों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर भी बड़े फैसले हो सकते हैं।
इनमें विवि में सेवारत लैब स्टाफ की पंजाब की तर्ज पर पे स्केल के भुगतान पर न्यायालय से आए फैसले को लागू किए जाने पर फैसला हो सकता है।
विवि के मनोविज्ञान विभाग में हुई नई सहायक आचार्य के पद पर भर्ती में चयनित उम्मीदवार के बिना सूचना के ज्वाइन न किए जाने जैसे मसले उठ सकते हैं। विवि के मॉडल स्कूल के शिक्षकों को टेट से छूट का मामला भी एजेंडे में बताया जा रहा है। एजेंडे में करीब 21 मसले शामिल होंगे, जिसमें पांच स्पॉट हैं।
सरकार से अतिरिक्त अनुदान का उठ सकता है मामला
ईसी की बैठक में चूंकि प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त स्वयं या उनका नुमाइंदा सदस्य के रूप में भाग लेगा, तो इसमें प्रदेश सरकार द्वारा घोषित डीए और आईआर के भुगतान को सरकार से मांगी गई 18 करोड़ के अतिरिक्त अनुदान की मांग को सदस्य फिर से उठा सकते हैं। हालांकि, इस मांग को सरकार की ओर से पूरा किए जाने का विवि को पूरा भरोसा है। कर्मचारी नुमाइंदे का 24 मार्च को पूरा हो चुका है कार्यकाल
विश्वविद्यालय के कर्मचारियों में से चुनी गई सदस्य राज कुमारी का कार्यकाल 24 मार्च को समाप्त हो चुका है। वह इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगी। इसलिए अंदर कर्मचारियों से जुड़े अधिकतर उन मामलों पर फैसला होगा, जिसमें न्यायालय के आदेश जारी हुए हैं।