शिमला। आईजीएमसी के नर्सिंग कॉलेज की प्रधानाचार्य कृष्णा चौहान और सहायक प्रोफेसर वंदना का निलंबन जांच के बाद रद्द कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है। इनके खिलाफ एक नर्सिंग छात्रा की ओर से दी गई शिकायत गलत पाई गई। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर इन्हें बहाल कर दिया गया। इस पर बुधवार को दोनों ने अपने पद दोबारा संभाल लिए हैं। कॉलेज की प्रधानाचार्य इसी माह 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रही हैं। प्रदेश सरकार ने कुछ दिन पहले दोनों को निलंबित करने के आदेश जारी किए थे। उधर, नर्सिंग कॉलेज अध्यापक संघ और आईजीएमसी नर्सिंग अराजपत्रित कर्मचारी संघ ने निलंबन रद्द करने पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार का आभार जताया है। नर्सिंग कॉलेज अध्यापक संघ की प्रदेश अध्यक्ष संतोष मांटा और महासचिव किरण धर्मा, टीएनएआई की प्रदेशाध्यक्ष ज्योति वालिया, आईजीएमसी नर्सिंग एसोसिएशन की महासचिव रीटा और आईजीएमसी अराजपत्रित कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुखदेव वर्मा और महासचिव रजनीश पूनिया ने सरकार के इस कदम की सराहना की है।
क्या कहती हैं प्रधानाचार्य
नर्सिंग कॉलेज की प्रधानाचार्य कृष्णा चौहान ने कहा कि उनके खिलाफ एक छात्रा की ओर से की गई शिकायत गलत पाई गई है। जांच के बाद उन्हें और सहायक प्रोफेसर को निर्दोष पाया गया है। प्रदेश सरकार ने उन्हें उनके पदों पर बहाल कर दिया है। यह सच्चाई की जीत है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का वह आभार जताती हैं।