अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। डोर टू डोर गारबेज क्लेक्शन फीस में कथित धांधली को लेकर नगर निगम की मासिक बैठक में खूब हंगामा हुआ। एक निजी स्कूल से मासिक शुल्क छह हजार वसूल किया जा रहा है लेकिन निगम के खाते में सिर्फ 50 रूपये जमा किए जा रहे हैं। यह एक अकेला उदाहरण नहीं है कई जगह इस तरह की धांधलियों की शिकायतें आ रही हैं। न्यू शिमला की पार्षद कुसुम लता ठाकुर ने यह मुद्दा बैठक में उठाया। उनकी इस बात का कई पार्षदों ने समर्थन किया और कहा कि ऐसी धांधली करने वालों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज हो। कई होटलों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी इस तरह की धांधली चली हुई है। निगम आयुक्त ने कहा कि सैहब सोसाइटी के तहत कितनी - कितनी फीस वसूली जा रही है इसका डाटा तैयार किया जा रहा है। मौजूदा समय में पूरा डाटा न होने की वजह से दिक्कत आ रही है। डाटा पूरा होने के बाद कोई भी किसी तरह की गड़बड़ी नहीं कर पाएगा। एक घर से कूड़े के उठाने की मासिक दर 75 नहीं 70 रुपये है।
महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि डोर टू डोर गारबेज क्लेक्शन को लेकर शहर की हालत बहुत ही बुरी है। बैठक में उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि ऐसा प्रावधान करो जो कर्मचारी काम में लापरवाही करता है और गैरहाजिर रहता है उसे तुरंत नौकरी से निकाल दो। बैठक में पहली बार शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भी हिस्सा लिया। बालूगंज की पार्षद किरण बावा ने सवाल पूछा कि घंडल पेयजल परियोजना से शिमला ग्रामीण के तहत आने वाले वार्डों टूटु , बालूगंज, चक्कर में पानी दिया जाए। मौजूदा समय में इन वार्डों में तीन तीन दिन बाद पानी आता है। इसका जवाब देते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले ही इस मुद्दे पर संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर ली है उन्होंने बताया है कि आईपीएच पानी की सप्लाई नगर निगम को दे रहा है और इन इलाकों में नगर निगम के जरिए ही पानी की सप्लाई दी जा रही है। आईपीएच और नगर निगम के पानी के बिलों में कुछ असमानताएं हो सकती हैं।