अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
सैहब सोसायटी के मजदूरों की हड़ताल खत्म होने के बावजूद सोमवार को शहर के कई वार्डों में कूड़ा नहीं उठाया गया। घरों में चार दिनों का कूड़ा जमा होने के कारण शहर के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हैरत की बात यह कि नगर निगम के करीब आधा दर्जन पार्षदों के घर भी गारबेज कलेक्टर कूड़ा उठाने नहीं पहुंचे। शहर के लोगों ने पार्षदों को समस्या से अवगत करवाने के बाद पार्षदों ने निगम के व्हाट्सऐप ग्रुप पर सुबह करीब सात बजे इसकी शिकायत दी। बावजूद इसके 10 बजे तक भी घरों से कूड़ा नहीं उठा।
नाभा की पार्षद सिमी नंदा ने बताया कि पूरे वार्ड में एक भी गारबेज कलेक्टर कूड़ा उठाने नहीं पहुंचा। जब कारण जानने के लिए गारबेज कलेक्टरों के प्रतिनिधि से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी उनकी हड़ताल खत्म नहीं हुई है। मेयर ने दुर्व्यवहार के लिए माफी नहीं मांगी है जब तक मेयर माफी नहीं मानती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
समरहिल वार्ड की पार्षद शैली शर्मा ने बताया कि सोमवार को वार्ड में कुछ जगह पर कूड़ा उठा और कुछ जगहों पर कूड़ा नहीं उठाया गया। नगर निगम की ओर से पार्षदों को हड़ताल खत्म होने को लेकर कोई सूचना नहीं दी गई।
जाखू वार्ड की पार्षद अर्चना धवन ने बताया कि बीते चार दिनों से वार्ड में कूड़ा नहीं उठा है। सोमवार सुबह भी कचरा उठाने कोई नहीं आया। मेयर कुसुम सदरेट को भी समस्या से अवगत करवाया। उम्मीद है जल्द समस्या हल होगी। भराड़ी वार्ड की पार्षद तनुजा चौधरी ने बताया कि उनके वार्ड में कुछ क्षेत्रों में ही कूड़ा उठाया गया है। लोअर बाजार वार्ड के पार्षद इंद्रजीत सिंह और सांगटी वार्ड की पार्षद मीरा शर्मा ने बताया कि चार दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। न्यू शिमला वार्ड की पार्षद कुसुम लता ठाकुर ने बताया कि सोमवार को उनके वार्ड में कई जगहों पर कूड़ा नहीं उठाया गया।
...
मुझे पता नहीं क्यों काम पर नहीं लौटे गारबेज कलेक्टर : मेयर
नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि ‘मुझे नहीं पता गारबेज कलेक्टर क्यों काम पर नहीं लौटे’। यह पूछने पर कि गारबेज कलेक्टर लिखित माफी की मांग कर रहे हैं, मेयर का कहना था कि मैंने ऐसा क्या किया जिसके लिए माफी मांगू।