अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
ढली के पास पहाड़ी दरकने से बंद पड़े कालका-शिमला-वांगतू एनएच-5 को बहाल कर दिया है। हालांकि प्रशासन ने एहतियातन एनएच को रात के समय बंद रखने का निर्णय लिया है। पहाड़ी से अभी भी रुक-रुककर मलबा गिर रहा है। इस कारण रात के समय कोई आवाजाही नहीं हो सकेगी।
मलबा गिरने के कारण लोक निर्माण विभाग और प्रशासन को एनएच बहाल करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एनएच को करीब 26 घंटे बाद बहाल किया जा सका है। रविवार को ढाई बजे मार्ग को आंशिक तौर पर खोला गया था लेकिन दो घंटे बाद फिर मार्ग को बंद कर दिया। प्रशासन ने जायजा लेकर दिन के समय के लिए एनएच को खोल दिया है। अब दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही हो रही है। मार्ग के बहाल होने से सेब बागवानों ने भी राहत की सांस ली है।
शनिवार रात बारह बजे तक 4 जेसीबी, आठ टिप्पर, दो दर्जन से ज्यादा मजदूर पुलिस, विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क खोलने के काम में जुटे रहे। रविवार सुबह साढे़ सात बजे से दोबारा सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया था। शनिवार दोपहर बाद करीब पौने दो बजे एनएच पांच पर ढली के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आ गया था। इससे करीब आधा दर्जन वाहन दब गए। शिव मंदिर और दो मकानों की बाहरी दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। एक मकान का लेंटर मलबे से भर गया।
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घरों से नहीं निकाल पाए जरूरत का सामान
भूस्खलन के बाद प्रभावित लोग अपने घरों से जरूरत का सामान भी नहीं निकाल पाए। प्रभावित परिवारों ने रिश्तेदारों के घरों पर पनाह ली है। स्कूली बच्चों के कपड़े, किताबें यहां तक की कुछ लोग अपनी दवाएं तक नहीं निकाल पाए।