हिमाचल में इस साल मानसून अभी तक रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। प्रदेश में पहली जून से 26 जुलाई तक 31 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। करीब दो महीने के दौरान हिमाचल में सिर्फ 244 मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि अच्छे मानसून के दौरान 355 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड होती है।
एक जून से 26 जुलाई तक सोलन जिला को छोड़कर पूरे प्रदेश में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। सोलन में सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक बारिश इस साल रिकॉर्ड की गई। यहां 499 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
चंबा, किन्नौर और लाहौल स्पीति में बहुत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। चंबा में सामान्य से 60 प्रतिशत कम, किन्नौर में सामान्य से 66 प्रतिशत कम और लाहौल स्पीति में सामान्य से 85 कम बारिश रिकॉर्ड की गई।
शिमला में भी सामान्य से कम बारिश
शिमला में सामान्य से 4 प्रतिशत कम, बिलासपुर में 15 प्रतिशत कम, हमीरपुर-कांगड़ा में सामान्य से 19 प्रतिशत कम, कुल्लू में 17 प्रतिशत कम, मंडी में 8 प्रतिशत कम, सिरमौर में 28 प्रतिशत कम और ऊना में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि 15 सितंबर तक मानसून रहेगा। ऐसे में संभावना है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी।
मैदानों में उमस से जीना मुहाल
प्रदेश के मैदानी जिलों में उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मंगलवार को ऊना और भुंतर में सबसे अधिक 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
हमीरपुर में 32.8, कांगड़ा में 31.9, बिलासपुर में 33.6, मंडी में 32.5, धर्मशाला में 29.2, सोलन में 28.4, नाहन में 27, सुंदरनगर में 31.9, कल्पा में 25, केलांग में 28.7, मनाली में 27.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
भारी बारिश की चेतावनी नहीं हुई सच
मौसम विभाग की प्रदेश में मंगलवार को भारी बारिश होने की चेतावनी भी सच साबित नहीं हुई। मंगलवार को प्रदेश में नाममात्र की बारिश हुई। बुधवार को भी भारी बारिश होने की चेतावनी से अब मौसम विभाग ने इनकार कर दिया है।
पूरे प्रदेश में एक अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।