प्रदेश में वर्तमान में सेब की पैदावार 6 से 7 टन प्रति हेक्टेयर होती है। अन्य देशों के मुकाबले सेब की पैदावार हिमाचल में अपेक्षाकृत काफी कम है। विश्व बैंक की वित्तीय मदद से चल रहे प्रोजेक्ट के माध्यम से सेब का उत्पादन बढ़ाकर 40 से 60 टन प्रति हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्ष 2023 तक बागवानों की आय बढ़ाकर दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में 91 पीसीडीओ यानी फल उत्पादन एवं प्रदर्शनी केंद्र में विकसित प्रजाति के फल पौधे तैयार करके बागवानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
बागवान इन पौधों को बगीचों में लगाकर फलों की पैदावार और अपनी आय भी बढ़ा सकेंगे।बागवानी विकास के प्रोजेक्ट निदेशक दिनेश मल्होत्रा कहते हैं कि राज्य में 303 क्लस्टर बनाए जा चुके हैं।
ये क्लस्टर सेब और अन्य फल उत्पादक क्षेत्रों में बनाए गए हैं, ताकि विश्व बैंक की वित्तीय मदद से चलाया जा रहा बागवानी विकास प्रोजेक्ट तेजी से चलाया जा सके।