न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालता ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। सत्र न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालत ने चेक बाउंस मामले में ट्रायल कोर्ट (न्यायिक मजिस्ट्रेट) चौपाल के दोष सिद्ध के निर्णय और सजा के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत ने नेरवा निवासी दोषी राजेंद्र सिंह को तीन महीने की कैद की सजा भुगतने के लिए 13 अक्तूबर को ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण के आदेश दिए हैं।
1.50 लाख रुपये का मुआवजा भी अदा करना होगा। मुआवजा न देने पर दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी ने 4 अक्तूबर, 2024 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती दी थी। यह मामला साल 2017 में कसुम्पटी स्थित राज्य सहकारी एवं कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का है। दोषी ने व्यवसाय चलाने के लिए शिकायतकर्ता से संपर्क कर ऋण के लिए आवेदन किया। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद दोषी के पक्ष में 2.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। आरोप लगे थे कि दोषी मासिक किस्तों का भुगतान नियमित रूप से नहीं कर रहा है। 18 सितंबर, 2021 को आरोपी ने ऋण चुकाने के लिए शिकायतकर्ता के पक्ष में 1,24,000 राशि का चेक जारी किया लेकिन बाउंस हो गया। नवंबर 2021 को निर्धारित समय में कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने एनआई एक्ट के तहत न्यायालय के समक्ष केस दायर किया था। न्यायालय में केस के दौरान दोनों पक्षों की ओर दलीलें दी गई और सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते फैसला सुनाया है। अब सत्र न्यायालय ने दोषी राजेंद्र सिंह की अपील को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के समक्ष पारित सजा को भुगतने के लिए जमानत बांड के साथ आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं।