मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जिला ऊना में शराब ठेकेदारों के संबंध में 5 सितंबर,2019 को भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 471 व 34 एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ऊना में मामला पंजीकृत हुआ है। उन्होंने यह जानकारी नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
सीएम ने कहा कि इसमें पाया गया कि आरोपियों की ओर से वर्ष 2017 -18, 2018 -19 में फर्जी चालान करके लगभग 2,82,16,665 की आर्थिक क्षति राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग को पहुंचा दी गई है। अन्वेषण के दौरान 4 आरोपियों की संलिप्तता पाई गई जिनमें से एक आरोपी नवीन बरिया को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ऊना की ओर से जमानत पर रिहा कर दिया।
आरोपी हरप्रिया मन्हास को उच्च न्यायालय से जमानत पर रिहा किया है। आरोपी रोहित को अंतरिम जमानत उच्च न्यायालय की ओर से स्वीकृत की गई। अमिल मन्हास को अग्रिम जमानत उच्च न्यायालय की ओर से रद्द की जा चुकी है। इनके खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत कार्यवाही की जा चुकी है। इस संदर्भ में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जिला ऊना गैर जमानती वारंट जारी किया गया है, आरोपी की तलाश जारी है।