छैला-सैंज-सोलन सड़क के भारी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद होने से करोड़ों रुपये के सेब कारोबार पर संकट मंडरा गया है। देर रात से ही सेब से लदे सैकड़ों ट्रक करीब पंद्रह घंटे से जाम में फंसे हैं। कुछ बसें आधे रास्ते ही वापस अपर शिमला लौट गईं। स्कूल बसों के जाम में फंसने से बच्चे भी देरी से स्कूल पहुंचे। जिले में सबसे ज्यादा सेब का कारोबार रोहड़ू, जुब्बल और कोटखाई में होता है। इन इलाकों से रोजाना सेब से लदे सैकड़ों ट्रक छैला-सैंज सड़क से होते हुए सीधे सोलन रवाना हो रहे थे।
लेकिन रात को पुल के बंद होने से इन ट्रकों की आवाजाही अब एनएच-5 पर ठियोग कुफरी शिमला सड़क से शुरू कर दी है। इस सड़क पर पहले से ही शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी के लिए सैकड़ों ट्रक रवाना हो रहे थे। देर रात अचानक सैकड़ों ट्रकों के इस हाईवे पर आने से लंबा जाम लग गया। ढली से लेकर छराबड़ा और कुफरी तक सेब से लदे ट्रकों की कतारें लगी हैं। पुलिस की टीमें दिनभर यातायात बहाल करने के लिए मशक्कत करती रहीं।
सेब से लदे सैकड़ों ट्रकों के रास्ते में ही फंसे होने से खरीदारों ने पराला मंडी में सेब की खरीद भी फिलहाल बंद कर दी है। इस मंडी में आए दिन हजारों पेटियों का कारोबार हो रहा था लेकिन सेब से लदे ट्रकों के फंसने से आढ़तियों ने यहां सेब खरीदना बंद कर दिया है। आने वाले दिनों में यदि यही हालात रहते हैं तो बागवानों को भट्ठाकुफर फल मंडी लाकर सेब बेचना पड़ेगा।
लोडिंग-अनलोडिंग में हो रही देरी के कारण भी जाम
भट्ठाकुफर फल मंडी में ट्रकों से सेब की अनलोडिंग में काफी वक्त लग रहा है। इस कारण मंडी से पीछे ही ट्रकों को सड़क किनारे रोका जा रहा है। प्रशासन ने भी एपीएमसी से इसका समाधान निकालने को कहा है ताकि सेब से लदे ट्रकों को तुरंत लोड और अनलोड कर शहर से बाहर किया जा सके।