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शिमला-ठियोग एनएच पर 25 किमी लंबा जाम, इस वजह से बिगड़ गई स्थिति

Sat, 10 Aug 2019 12:43 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/ठियोग (रामपुर बुशहर)
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- फोटो : अमर उजाला
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सेब सीजन के दौरान शिमला-ठियोग एनएच पर आज करीब 25 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसमें सेब से लदे सैकड़ों ट्रक, निजी वाहन, एचआरटीसी और निजी बसें फंसीं रहीं। रामपुर से वाया ठियोग शिमला अपनी गाड़ी से पहुंचने में साढ़े तीन घंटे लगते हैं जबकि आज 11 घंटे लगे। ठियोग से सुबह 6.30 बजे निकली बस 12.30 बजे संजौली पहुंच पाई।

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बता दें कि अपर शिमला के सेब से लदे ट्रक छैला-सैंज से सीधे सोलन के लिए रवाना होते थे, लेकिन महीपुल दरकने के बाद नौ टन से भारी वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी। ऐसे में सेब के ट्रकों के वाया शिमला आने से स्थिति बिगड़ गई। अब यह सभी ट्राले कुफरी होकर ढली पार करते हुए बाहरी राज्य को भेजे जा रहे हैं। विनोद कुमार ने बताया कि वह अपने निजी वाहन से सुबह 5 बजे रामपुर से चला और पौने चार बजे शिमला पहुंच पाया। सूचना के अनुसार रात करीब 2:30 बजे से छराबड़ा में पुलिस बैरियर से जाम की शुरूआत हुई।

जाम की लंबी कतार सुबह फागू तक पहुंच गई। जमींदार ट्रांसपोर्ट के संचालक अंकुश ने बताया कि पुल की जांच विभाग को पहले ही करनी चाहिए थी। सेब सीजन लोगों की कमाई से जुड़ा है। जहां पुल के बंद करने से सेब देरी से मंडियों में पहुंच रहा है, वही बागवानों को नुकसान भी हो रहा है। थाना प्रभारी ढली राजकुमार के अनुसार भारी भरकम ट्रालों के खराब होने के कारण भी जाम लगा। वहीं एसडीएम ठियोग केके शर्मा के बताया कि महीपुल पर 9 टन से अधिक भारी वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी गई है। जाम की स्थिति को सुधारने का प्रयास किया जाएगा।

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करोड़ों रुपये के सेब पर मंडराया संकट

- फोटो : अमर उजाला
छैला-सैंज-सोलन सड़क के भारी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद होने से करोड़ों रुपये के सेब कारोबार पर संकट मंडरा गया है। देर रात से ही सेब से लदे सैकड़ों ट्रक करीब पंद्रह घंटे से जाम में फंसे हैं। कुछ बसें आधे रास्ते ही वापस अपर शिमला लौट गईं। स्कूल बसों के जाम में फंसने से बच्चे भी देरी से स्कूल पहुंचे। जिले में सबसे ज्यादा सेब का कारोबार रोहड़ू, जुब्बल और कोटखाई में होता है। इन इलाकों से रोजाना सेब से लदे सैकड़ों ट्रक छैला-सैंज सड़क से होते हुए सीधे सोलन रवाना हो रहे थे।

लेकिन रात को पुल के बंद होने से इन ट्रकों की आवाजाही अब एनएच-5 पर ठियोग कुफरी शिमला सड़क से शुरू कर दी है। इस सड़क पर पहले से ही शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी के लिए सैकड़ों ट्रक रवाना हो रहे थे। देर रात अचानक सैकड़ों ट्रकों के इस हाईवे पर आने से लंबा जाम लग गया। ढली से लेकर छराबड़ा और कुफरी तक सेब से लदे ट्रकों की कतारें लगी हैं। पुलिस की टीमें दिनभर यातायात बहाल करने के लिए मशक्कत करती रहीं।
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पराला मंडी में सेब कारोबार ठप

सेब से लदे सैकड़ों ट्रकों के रास्ते में ही फंसे होने से खरीदारों ने पराला मंडी में सेब की खरीद भी फिलहाल बंद कर दी है। इस मंडी में आए दिन हजारों पेटियों का कारोबार हो रहा था लेकिन सेब से लदे ट्रकों के फंसने से आढ़तियों ने यहां सेब खरीदना बंद कर दिया है। आने वाले दिनों में यदि यही हालात रहते हैं तो बागवानों को भट्ठाकुफर फल मंडी लाकर सेब बेचना पड़ेगा।

लोडिंग-अनलोडिंग में हो रही देरी के कारण भी जाम
भट्ठाकुफर फल मंडी में ट्रकों से सेब की अनलोडिंग में काफी वक्त लग रहा है। इस कारण मंडी से पीछे ही ट्रकों को सड़क किनारे रोका जा रहा है। प्रशासन ने भी एपीएमसी से इसका समाधान निकालने को कहा है ताकि सेब से लदे ट्रकों को तुरंत लोड और अनलोड कर शहर से बाहर किया जा सके।
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