इसे सप्ताह में तीन दिन करने की योजना बनाई जा रही है। वन भूमि पर निर्माण को लेकर प्रक्रिया जटिल है। ऐसे में व्यवाहारिक सोचने की जरूरत है। कहा कि इको पर्यटन समिति, पर्यटन विभाग तथा पर्वतारोहण मनाली के समन्वय से 10 स्थानों को साहसिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।
31 इको पर्यटन सर्किट तैयार किए गए हैं और इन्हें स्वीकृति के लिए केंद्र को भेजा जाएगा। राज्य में प्राकृतिक पार्कों तथा हर्बल बागानों को विकसित किया जा रहा है। इको पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए 50 वन विश्राम गृहों को उपयोग में लाया जा रहा है।
इको पर्यटन को ग्रामीण जीवन, संस्कृति तथा परम्पराओं के साथ जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। कहा कि इको पर्यटन में ट्रैकिंग, माउंटेन बाईकिंग, रिवर राफ्टिंग, स्कींइंग, हैली स्कींइंग, कैंपिंग, पहाड़ों पर चढ़ना, पक्षियों के देखना इत्यादि जैसे अनेक घटक शामिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने राज्य में ईको पर्यटन विकास का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री को सौंपा। इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर, सांसद रामस्वरूप शर्मा, अंतररराष्ट्रीय पहलवान दिलीप सिंह राणा, विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक सुरेंद्र शौरी, भाजपा प्रदेश महामंत्री राम सिंह, जिला परिषद सदस्य सीता राखा, डीसी यूनुस, एसपी शालिनी व अन्य मौजूद रहे।
केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री केजे अल्फांस ने कहा कि राज्य में पर्यटन की अपार संभावना है। जिसके न्याय संगत दोहन की आवश्यकता है। भारत के प्रत्येक क्षेत्र की अपने आप में एक अलग पहचान है और प्रत्येक क्षेत्र पर्यटकों को आश्चर्य में डालता है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक एवं साहसिक पर्यटन की अपार संभावना है। प्रदेश में पर्यटन संभावनाओं के दृष्टिगत निजी उद्यमियों को शामिल कर बड़े स्तर पर दोहन किया जाएगा।
साइकिल के लिए भी विकसित किए जाएंगे ट्रैक
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सूबे के ट्रैकिंग रूटों का दुरूस्त किया जाएगा। ताकि पर्यटक प्रकृति का आनंद उठा सकें। कहा कि साइकिल के लिए भी ट्रैक के लिए विकसित किए जाएंगे। ट्रैकिंग रूटों पर पर्यटकों का रूझान लगातार बढ़ता जा रहा है।
अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेलें संस्थान मनाली में मंगलवार को पहुंचते ही सीएम जयराम ठाकुर की पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहा वाजपेयी की पुरानी यादें ताजा हो गई। सम्मेलन में संबोधन के दौरान पूर्व पीएम अटल की कविताओं का याद करते हुए सीएम ने उनकी खूब चर्चा की।
उनका स्वास्थ्य खराब होने पर एम्स में भर्ती होने की खबर पर उन्होंने सदमा लगने की बात कही। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने अटल की तारीफ करते हुए पुराने किस्से साझा किए। कहा कि वह अटल के दौर को कभी नहीं भूला सकते हैं।
जिस पर ऑडोटॉरियम में वह अभी खड़े हैं वहां पूर्व पीएम वाजपेयी कई बैठकें ले चुके हैं और यहां खड़े होते ही सब कुछ याद आ रहा है। हालांकि अब वह सक्रिय राजनीति में नहीं है। लेकिन पार्टी में दो नेता अटल बिहारी वाजपेयी व नरेंद्र मोदी की को कोई कभी भी नहीं भूला सकते हैं।
वर्तमान में पीएम नरेंद्र मोदी पूर्व पीएम वाजपेयी के सपने रोहतांग टनल समेत अन्य महत्वपूर्ण कायाेऱ्ं को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने ईश्वर से वाजपेयी के स्वास्थ्य शीघ्र ठीक होने की कामना की और कहा कि वह जल्द स्वस्थ्य होकर घर पहुंचेंगे।
सम्मेलन के दौरान सांसद रामस्वरूप शर्मा ने भी पूर्व पीएम वाजपेयी को खूब याद किया। जबकि केंद्रीय राज्य पर्यटन मंत्री केजे अल्फांस ने भी पूर्व पीएम वापजेपी के संबोधन वाले मंच पर खुद को बैठना गौरान्वित करने वाला बताया।
गौर रहे कि मनाली का प्रीणी में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का दूसरा घर है। वह हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते हैं। उनके स्वस्थ्य न होने की सूचना से ग्रामीण भी सदमें में है।