उपायुक्त ने समितियां सक्रिय करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में नशा तस्करी का चक्रव्यूह तोड़ने के लिए 248 समितियों का गठन किया गया है। यह समितियां न सिर्फ नशा तस्करों को पकड़वाने में अहम भूमिका निभा रही हैं बल्कि तस्करी रोकने में भी मदद कर रही हैं। पुलिस को इनसे नशा तस्करी की सूचनाएं मिल रही हैं।
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को हुई जिला स्तरीय एनकोर्ड (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) समिति की बैठक में अधिकारियों को मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम करने, खुले में शराब पीने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पंचायत स्तर पर एंटी-ड्रग अभियानों को लेकर निर्देश जारी किए। बैठक में रिपोर्ट पेश की कि जिले में 248 नशा निवारण समितियों का गठन किया जा चुका है। उपायुक्त ने कहा कि 18 जनवरी को शिमला एक दिवसीय कार्यशाला करवाई जाएगी। इसमें एसडीएम, डीएसपी, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी, सहायक डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी, डीएफओ सहित जिला स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला में नशे के मामलों में कोर्ट से बरी होने के मामलों की संख्या बढ़ने को लेकर चर्चा होगी और इस पर रणनीति बनेगी। कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया जाएगा कि इन मामलों की जांच किस तरह प्रभावी बनाई जा सकती है जिससे कोर्ट से आरोपितों को सजा मिल सके।
सड़क सुरक्षा पर निर्देश जारी
डीसी अनुपम कश्यप ने कहा कि जिले में सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। सिरमौर के हरिपुरधार बस हादसे से सीख लेने की जरूरत है। जिले में सभी वाहन चालकों को जागरूक किया जाएगा कि व्यावसायिक वाहनों में ओवरलोडिंग न हो। वाहनों की फिटनेस होने के बाद ही सड़कों पर चलाएं। जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि ट्रैफिक और परिवहन विभाग के नियमों का सख्ती से पालन करें। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में प्रभावी तरीके से कार्य करें। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल सहित सभी एसडीएम भी मौजूद रहे।