लेह के लिए रवाना हुए विदेशी पर्यटक
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बरसात के जाते ही किन्नौर में सैलानियों की आमद बढ़ गई है। यहां की वादियों को निहारने के लिए आजकल भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की आमद बढ़ने से कारोबारियों के चेहरे भी खिल गए हैं। किन्नौर में जनवरी माह से अगस्त तक तीन हजार से ज्यादा पर्यटक घूमने के लिए पहुंच चुके हैं।रिकांगपिओ में मंगलवार को 23 विदेशी पर्यटक 11 ऑटो रिक्शा में शिमला से लेह जाने के लिए पहुंचे।
रिकांगपिओ में इनर लाइन परमिट बनाने के लिए रुके हुए थे। किन्नौर चीन बॉर्डर के साथ लगता भारत का अंतिम क्षेत्र है। हर सैलानियों को किन्नौर से आगे जाने के लिए इनर लाइन परमिट बनाना पड़ता है। इस बार अगस्त माह में ही किन्नौर में 582 विदेशी सैलानी पहुंचे। सबसे ज्यादा इजरायल से 98 सैलानी, मलयेशिया से 55, इटली के 49, ऑस्ट्रेलिया के 47, फ्रांस के 44, अमेरिका के 29, स्पेन से 27 और रूस से 19 सैलानियों ने किन्नौर पहुंच कर इनर लाइन परमिट बनवाया।
कई सैलानी तिपहिया लेकर किन्नौर पहुंचे। सैलानियों का कहना है कि ऑटो रिक्शा में घूमने का अलग ही मजा है। इससे पहले वे असम, शिलांग का सफर भी ऑटो रिक्शा से कर चुके हैं। रिकांगपिओ के टूरिस्ट गाइड चंद्र मोहन नेगी का कहना है कि जिले में अब मौसम खुल चुका है और विदेशी सैलानियों की आवाजाही पहले की अपेक्षा बढ़ गई है। इससे पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी और एसडीएम कल्पा डॉ. अवनिंद्र सिंह का कहना है की विदेशी और देशी पर्यटकों को किन्नौर से आगे जाने के लिए इनर लाइन परमिट बनाना जरूरी है। भावानगर और पूह के एसडीएम से भी परमिट जारी किया जा सकता है।
- आरएल नेगी