राजधानी शिमला में समरहिल के रहने वाले 22 वर्षीय युवक क्षेमेंद्र मिश्रा ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से लिए गए जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) और नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) दोनों पहले ही प्रयास में 99.86 फीसदी अंकों के साथ पास कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
क्षेमेंद्र प्रदेश विश्वविद्यालय में एमबीए तीसरे सेमेस्टर के छात्र हैं। इनके पिता राजेंद्र मिश्रा हिमाचल विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। संस्कृति विश्वविद्यालय वाराणसी के कुलपति रहने के बाद इन दिनों वे साहित्य अकादमी दिल्ली में संस्कृत कनवीनर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
क्षेमेंद्र की मां राजेश कुमारी मिश्रा ने संस्कृत में एमफिल की है और वह गृहिणी हैं। क्षेमेंद्र ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया है।