भारतीय कृषि उच्च शिक्षा योजना में आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी केंद्र की स्थापना के लिए प्रदेश कृषि विवि पालमपुर को करीब 22 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इस प्रोजेक्ट में संरक्षित एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं से इस आधुनिक विषय पर तीन माह अवधि तक के प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इस तरह की परियोजना से विद्यार्थियों और कृषि अधिकारियों के कौशल विकास में भी सहायता होगी।
विवि को प्रोजेक्ट मिलने से शिमला के किसानों को भी काफी फायदा मिलने वाला है। प्रदेश रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी मोहेंद्र सिंह भवानी ने कहा कि शिमला जिला के किसानों को रसायन मुक्त खेती करने की समय-समय पर जानकारी दी जाती है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से कैंप लगाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
पालमपुर कृषि विवि के कुलपति प्रो. अशोक कुमार सरयाल ने कहा कि संरक्षित और प्राकृतिक खेती के प्रसार के लिए भारतीय कृषि उच्च शिक्षा योजना के तहत करीब 22 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला है। इससे कृषि अधिकारियों सहित विद्यार्थियों को अध्ययन में काफी मदद मिलेगी।