शहर में पेयजल व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
चेक से सैलरी देने से नाराज इन कर्मचारियों ने इस महीने तनख्वाह लेने से भी इंकार कर दिया।
इनका कहना है कि जब तक बैंक खाते में तनख्वाह नहीं दी जाएगी, कर्मचारी इसका बहिष्कार करेंगे। इसी सिलसिले में आईपीएच कर्मचारी महासंघ से संबंधित भारतीय मजदूर संघ ने बुधवार को बैठक भी की। इसमें कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में कंपनी कार्यालय में तैनात कर्मचारियों के अलावा सभी पंपिंग स्टेशनों में तैनात कर्मी भी मौजूद रहे।
कर्मचारियों ने कहा कि पहले की तरह उन्हें खाते में ही तनख्वाह का भुगतान किया जाए। कंपनी अभी चेक से तनख्वाह दे रही है जिससे भविष्य निधि, सीपीएफ और बीमा राशि आदि को लेकर परेशानियां झेलनी पड़ेंगी।
महामंत्री दिनेश कुमार ने कहा कि कुछ कर्मचारियों ने अप्रैल में जीपीएफ के लिए आवेदन किया था लेकिन उन्हें नहीं मिल पाया। इस बारे में कंपनी के एमडी को भी ज्ञापन सौंपा था लेकिन कर्मचारियों को कोई राहत नहीं मिली है।