निगम का खजाना खाली, शहर में नहीं हो रहे नए काम
रास्ते बनाने, एंबुलेंस रोड, पार्किंग आदि के लिए पार्षदों को नहीं मिल रहा पैसा
नगर निगम के पास सौ से ज्यादा प्रस्तावों की फाइलें अटकीं
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में नए रास्ते, एंबुलेंस रोड, पार्किंग, स्टोरेज टैंक बनाने और डंगे लगाने जैसे नए काम ठप हो गए हैं। नगर निगम कार्यालय पहुंच रहे पार्षदों को खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है।
निगम कार्यालय में सौ से अधिक प्रस्तावों की फाइलें अटक गई हैं। वहीं, निगम प्रशासन से पार्षदों को एक ही जवाब मिल रहा है कि अप्रैल-मई में बजट मिलने के बाद ही नए कार्यों के प्रस्तावों को पैसा जारी किया जा सकेगा। वर्तमान में निगम सिर्फ उन्हीं कार्यों के टेंडर जारी कर रहा है, जिनके लिए पिछले साल बजट मंजूर किया गया था। नए कार्यों के लिए बजट मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। अभी नगर निगम सिर्फ शौचालय बनाने के लिए पैसा जारी कर रहा है। वार्डों में नए काम न होने से पार्षद परेशान हैं। इस महीने बालूगंज पार्षद किरण बावा, भराड़ी पार्षद तनुजा चौधरी समेत आधा दर्जन से अधिक पार्षद निगम कार्यालय से खाली हाथ लौट चुके हैं। पार्षदों का कहना है कि उन्होंने अपने वार्ड के लिए कई नई योजनाएं बनाई हैं, लेकिन बजट न मिलने से काम रुक गया है।
पार्षद नाराज, नहीं उठा पा रहे आवाज
वार्डों में काम न होने और बजट न होने से कांग्रेस समेत भाजपा के अपने पार्षद भी नगर निगम से नाराज हैं। भाजपा पार्षद जनता के सवालों से परेशान तो हैं लेकिन अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज भी नहीं उठा पा रहे हैं। ढली के ढींगूधार में जल भंडारण टैंक मार्च में तैयार होना था, लेकिन यहां अब तक एक पत्थर तक नहीं लगा है। ढली में पौने दो करोड़ की पार्किंग का काम सालों से शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
क्या कहती हैं महापौर
निगम में पैसों की कमी नहीं है। लेकिन नए बजट के लिए पार्षदों को अभी कुछ दिन इंतजार करना होगा। सभी के काम प्राथमिकता के आधार पर किए जाएंगे।
कुसुम सदरेट, नगर निगम महापौर