शिमला। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए जहां महज 16 दिन शेष हैं। वहीं कई कर्मचारी अपनी ड्यूटी कैंसल करवाने के जुगाड़ में लगे हुए हैं। कई कर्मचारी अपने निजी कार्यों तो कुछ सरकारी कार्य होने के कारण ड्यूटी देने में असमर्थता जता रहे है। आलम यह है कि इन दिनों उपायुक्त कार्यालय स्थित एसडीएम दफ्तरों में बहुत से कर्मचारी अपनी अर्जियां लेकर पहुंच रहे हैं। स्थिति यह हो गई है कि सोमवार तक शिमला शहरी एसडीएम के पास दो सौ से अधिक पत्र पहुंच चुके हैं, जिन पर ड्यूटी कैंसल करवाने को लेकर खुद कागजों पर साइन करवाने पहुंच रहे हैं।
इन दिनों शिमला शहर के एसडीएम के पास ड्यूटी न देने को लेकर दो सौ से अधिक कर्मचारियों की चिट्ठियां पहुंच चुकी हैं। जबकि एक पेंच यह फंस गया है कि इस समर में 280 के करीब और कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई जानी हैं। ऐसे में एक साथ इतने कर्मचारियों को छुट्टी देना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।
मैं भी आठ माह से घर नहीं गया हूं
सोमवार को एसडीएम कार्यालय में चुनावी समर में लगी ड्यूटियाें को कैंसल करने को लेकर सुबह ग्यारह बजे से लेकर लोग पहुंच रहे थे। सभी एक ही बात कह रहे थे कि मुझे निजी काम है, प्लीज मेरी चुनावी ड्यूटी प्लीज कैंसल करवा दीजिये। दोपहर बाद भी ऐसा ही मामला पेश आया। एक कर्मी बार बार छुट्टी कैंसल को लेकर बात कह रहा था। इस पर अधिकारी ने कहा कि मैं भी पिछले आठ महीनों से घर नहीं गया हूं। आप मुझे भी तो देखिए यह बात सुनकर कर्मी वहां से चला गया।
छानबीन होने के बाद ही दी जाएंगी छुट्टियां
जिन-जिन कर्मियों ने छुट्टियों के लिए अर्जी दी है। गुण व दोष के हिसाब देखकर ही छुट्टियां दी जाएंगी। हालांकि अभी यह अर्जियां जिला चुनाव अधिकारी के पास छानबीन के लिए जाएंगी।
- अजीत भारद्वाज, एसडीएम, शिमला शहरी