इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की जगतपुर स्थित भूमि की पैमाइश को लेकर सीआईडी सक्रिय हो गई है। बेनामी संपत्ति की आशंका को देखते हुए सीआईडी यह पैमाइश करवाएगी। इसमें बाकायदा राजस्व विभाग के अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाएगा। इस बारे में जिला प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि कंपनी को वर्ष 2008 में धारा 118 के तहत लगभग 138 बीघा भूमि की अनुमति मिली थी। लेकिन, कंपनी का 350 बीघा से भी अधिक भूमि पर कब्जा बताया जा रहा है। ऐसे में बेनामी संपत्ति की भी आशंका है। लिहाजा, सीआईडी इस मामले की पूरी छानबीन करेगी। इसकी बाकायदा पैमाइश करवाई जा रही है।
सीआईडी ने इसके लिए एक टीम बनाई है, जो राजस्व विभाग के सहयोग से भूमि की पैमाइश करेगी। डीआईजी सीआईडी ने शीघ्र कंपनी के जमीन की पैमाइश कर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि स्टेट सीआईडी टीम ने ही वर्ष 2016 में सबसे पहले दो मामले इकाई के खिलाफ दर्ज किए थे।
इसमें बिजली बिल गड़बड़झाला तथा फर्जी बिलों व दस्तावेजों से कंपनी का लेनदेन रिकॉर्ड शामिल है। दोनों मामलों में जांच टीम की कार्रवाई चल रही है। बताया जा रहा है कि इकाई की कब्जाई जमीन में काफी भूमि पर कब्जे के बावजूद रजिस्ट्री नहीं है।
उधर, डीआईजी सीआईडी (क्राइम) विनोद कुमार धवन ने कहा कि टीम को शीघ्र इंडियन टैक्नोमैक कंपनी की जमीन की पैमाइश कर स्टेटस रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए है। इसमें राजस्व अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाएगा।
तहसीलदार पांवटा राजकुमार ने कहा कि हालांकि, अभी तक उनके पास इस तरह का लिखित पत्र नहीं पहुंचा है। लेकिन, सीआईडी ने सहयोग मांगा तो राजस्व विभाग जांच टीम का पूरा सहयोग करेगा।