घरों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाने वाले जिले के लाखों लोगों के लिए खुशखबरी है। लोग 1 से 10 किलोवाट तक के सोलर पावर प्लांट घरों की छतों पर लगाकर प्रतिदिन 4.5 से 55 यूनिट बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। बिजली तैयार करने के बाद इसे घरों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके अलावा बचत की हुई अतिरिक्त बिजली को ग्रिड के माध्यम से विद्युत बोर्ड को भी बेच सकते हैं। बुधवार को हिम ऊर्जा विभाग की ओर से रोटरी टाउन में दो दिवसीय सौर ऊर्जा मेले के दौरान लोगों को यह जानकारी दी गई। प्लांट लगाने के लिए केंद्र सरकार 70 और प्रदेश 10 फीसदी सब्सिडी देगी।
सौर ऊर्जा मेेले के पहले दिन हिम ऊर्जा के अधिकारियों की ओर से लोगों को मॉडल द्वारा ग्रिड से जुड़े सौर पावर प्लांट लगाने बारे अवगत करवाया। हिम ऊर्जा विभाग के सीईओ आशुतोष ने बताया कि उपभोक्ता सोलर पावर प्लांट को विद्युत बोर्ड के ग्रिड से जोड़कर प्रतिदिन एक किलोवाट से 4.5 से 5.5 यूनिट बिजली का उत्पादन कर सकते है।
इस दौरान विभाग की ओर से मेले में शहर और ग्रामीण के विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता भी मेले में उपभोक्ताओं को प्लांट की एनओसी देने के लिए मौजूद रहे। इस दौरान करीब 77 लोगों ने प्लांट लगाने के लिए आवेदन किए।
वीरवार को ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा आवेदनकर्ताओं को प्लांट लगाने के लिए स्वीकृति पत्र प्रदान करेंगे। इसके बाद उपभोक्ता घरों की छतों पर बिजली तैयार कर सकेंगे। इस दौरान मेले में हिम ऊर्जा विभाग के परियोजना निदेशक केएल ठाकुर सहित डीपीआरओ पीएल शर्मा मौजूद रहे।
उपभोक्ताओं को साथ लाना होगा बिजली बिल
शहर के जो उपभोक्ता घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने के इच्छुक हैं उन्हें रोटरी टाउन हाल में हो रहे कार्यक्रम में बिजली के बिल साथ लाने होंगे। उपभोक्ताओं को मौके पर ही सहायक अभियंता की ओर से प्लांट को लगाने के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।
12 हजार में पड़ेगा एक किलोवाट का प्लांट
सोलर रूफ टॉप पावर प्लांट की कुल कीमत 53,150 रुपये है। लेकिन उपभोक्ताओं को केंद्रीय सब्सिडी 70 प्रतिशत को काटकर उपभोक्ताओं को 30 प्रतिशत अंशदान देना होगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार भी प्लांट को लगाने के लिए 10 प्रतिशत (चार हजार) की सब्सिडी देगा। इसके बाद उपभोक्ताओं को इस प्लांट के लिए मात्र ग्यारह हजार 945 का भुगतान करना पड़ेगा।