ऐतिहासिक टाउन हाल पर सस्पेंस जारी है। भवन को वापस नगर निगम को दिलाने के लिए महापौर कुसुम सदरेट की अगुवाई में कई पार्षद बुधवार शाम प्रदेश सचिवालय में सीएम जयराम ठाकुर से मिलने पहुंचे। बैठक के दौरान महापौर ने कहा कि वर्तमान भवन में जगह की कमी है। बैठकें करने तक के लिए जिला प्रशासन और शहरी विकास विभाग के पास जाना पड़ता है। ऐसे में टाउन हाल एमसी को मिलना चाहिए।
पार्षद शैली शर्मा ने कहा कि टाउन हाल पहले से लेकर नगर निगम के पास रहा है। जीर्णोद्धार कार्य के बाद भी इसे निगम को दिया जाना चाहिए। बाकी पार्षदों ने भी कहा कि टाउन हाल नगर निगम को ही मिलना चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी यह मामला कोर्ट के अधीन है। ऐसे में कुछ कहना सही नहीं।
बस इतना कहा कि भवन एमसी को दिलाने की कोशिश करेंगे। कई पार्षदों ने कहा कि यदि पूरा टाउन हाल नहीं मिल सकता तो कम से कम मेयर-डिप्टी मेयर और पार्षद कक्ष समेत कुछ विभागों को ही यहां शिफ्ट किया जाए। सीएम का जवाब था कि भवन रख रखाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में कोर्ट के फैसले के बाद ही आगे का सोचेंगे।
सीएम बोले, लड़ाई छोड़ो और शहर का विकास करो
सीएम जयराम ठाकुर ने नगर निगम में पार्षदों की लड़ाई पर कहा कि सभी को शहर के विकास का प्लान बनाना चाहिए। सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने पूछा पेयजल संकट क्यों हुआ, क्यों तैयारी नहीं थी। कुछ पार्षदों ने जवाब दिया कि कुछ अफसरों ने गुमराह किया जिससे व्यवस्था बिगड़ी। मेयर ने सीएम के सामने निगम में खाली पदों को भरने, अनुदान देने और शहर के जंगल वापस एमसी के अधीन करने की मांगें उठाई।
बैठक से ज्यादातर पार्षद रहे गायब
सीएम के साथ बैठक को लेकर मेयर ऑफिस से बाकायदा सभी पार्षदों को फोन पर सूचना दी गई थी लेकिन ज्यादातर नहीं पहुंचे। भाजपा के नाराज गुट के पार्षद मेयर के साथ सीएम से मिलने नहीं गए। मेयर-डिप्टी मेयर के अलावा बैठक में पार्षद शैली शर्मा, आनंद कौशल, इंद्रजीत सिंह, आशा शर्मा, विदुषी शर्मा, बिट्टू कुमार, संजीव ठाकुर, किरण बावा, रेनु चौहान, विवेक शर्मा मौजूद रहे।