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मेयर के साथ होने वाले भरयाल दौरे से पार्षदों ने बनाई दूरी

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मेयर-डिप्टी मेयर और भाजपा पार्षदों के बीच जारी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। नाराज पार्षद महापौर के साथ सोमवार को होने वाले भरयाल दौरे से किनारा कर सकते हैं। इनका कहना है कि वे मेयर और डिप्टी मेयर के साथ दौरे पर नहीं जाएंगे।

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डैमेज कंट्रोल की यह तरकीब काम नहीं आने वाली। भरयाल में प्रदेश का आधुनिक कूड़ा संयंत्र स्थापित किया गया है। शहर से निकलने वाला रोज का करीब 70 टन कूड़ा इसी प्लांट को भेजा जाता है। यहां इस कूड़े से बिजली तैयार की जाती है। हालांकि, पिछले कुछ माह से तकनीकी खराबी के चलते विद्युत उत्पादन का काम ठप बताया जा रहा है। निगम प्रशासन ने शनिवार को ही इस दौरे की योजना बनाई है।

 

इसमें मेयर कुसुम सदरेट, उप महापौर राकेश शर्मा समेत सभी पार्षदों को भरयाल ले जाया जाना है। मेयर ऑफिस से बाकायदा सभी पार्षदों को इस बारे में फोन पर सूचना भी दे दी गई है। देखना रोचक होगा कि सोमवार को कितने पार्षद दौरे के लिए पहुंचते हैं।

इन पार्षदों ने भी किया किनारा
विपक्षी पार्षदों ने भी दौरे से किनारा कर लिया है। कांग्रेस पार्षद राकेश चौहान ने कहा कि मेयर के दौरे से उन्हें कोई आपत्ति नहीं, लेकिन वे खुद इस दौरे पर नहीं जा रहे। कहा कि पार्षदों को संयंत्र दिखाने के बजाय इनके साथ वार्डों में जाना चाहिए जहां महीनों से कूड़ा नहीं उठ रहा। पहले शहर में सफाई व्यवस्था देखी जानी चाहिए। पार्षद अर्चना धवन, माकपा पार्षद शैली शर्मा भी फिलहाल दौरे पर नहीं जा रही हैं।

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जल्द मंत्री से मुलाकात कर सकता है नाराज गुट
भाजपा के नाराज पार्षदों का गुट जल्द ही शिक्षा मंत्री और सरकार से भी मिल सकता है। ये सभी पार्षद अभी भी महापौर को हटाने पर अड़े हैं। अगले सदन से पहले ये एक बार फिर सरकार और संगठन पर दबाव बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

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