सब्जी मंडी सोलन में लहसुन की सीजन की पहली खेप पहुंच गई है। दो दिन में करीब 20 टन लहसुन पहुंचा है। किसानों को इसके पिछले वर्ष के हिसाब से दाम मिल रहे हैं। लहसुन पर कोरोना का असर नहीं दिख रहा है। लहसुन के दाम 60 से 65 रुपये किलो हैं। शुक्रवार को लहसुन की पहली खेप तमिलनाडु के लिए रवाना की गई है। अभी सिरमौर का लहसुन ही मंडी में पहुंचा है।
स्थानीय लहसुन भी जल्द आने की उम्मीद है। सिरमौर में लहसुन की सबसे अधिक पैदावार होती है। कुल्लू में भी बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती की जाती है। सोलन और शिमला में भी लहसुन पैदा होता है। सिरमौर और सोलन में मई तक फसल तैयार होती है। सब्जी मंडी सोलन के सचिव रविंद्र शर्मा ने बताया कि दो दिन में 20 टन लहसुन मंडी में पहुंचा है। इसे तमिलनाडु भेजा गया है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार भी लहसुन के दाम 60 से 65 रुपये हैं। अभी सिरमौर का लहसुन आ रहा है। कुछ दिन में स्थानीय लहसुन भी आ जाएगा।
विदेशों में भी सप्लाई होता था लहसुन
सोलन का लहसुन देश ही नहीं, विदेशों में भी धूम मचाता है। इसकी दक्षिण भारत की मंडियों में भारी मांग है। केरल, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु के अलावा त्रिपुरा व सिक्किम भी लहसुन भेजा जाता है। यहां का लहसुन पिछले वर्ष श्रीलंका और बांग्लादेश की रसोई में भी पहुंच चुका है।इस बार कारोना के चलते लहसुन पड़ोसी देशों में पहुंचना मुश्किल हो रहा है।