दुकानों का किराया बढ़ाने के फैसले के खिलाफ शहर के कारोबारी अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को गंज स्थित एसडी स्कूल में कारोबारियों ने शिमला व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई।
इसमें उपनगरों से आए कई कारोबारियों ने भी हिस्सा लिया। मशोबरा, बैनमोर से आए कारोबारियों ने कहा कि उनका किराया ढली बाजार के कारोबारियों के बराबर करना तर्कसंगत नहीं है। हर इलाके में सेल कम या ज्यादा है। ऐसे में एक समान किराया वसूलना सही नहीं। फैसला लिया गया कि एक बार फिर आयुक्त से मिलकर इस मसले पर बैठक की जाएगी। इसके बाद सीएम से भी राहत की मांग की जाएगी। यदि बात नहीं बनी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार कारोबारियों ने केस लड़ने के लिए वकील भी तैयार कर लिया है।
नहीं काम आया नेताओं का पैंतरा, कारोबारी खफा
शहर के कारोबारी नेताओं से मिलकर भी किराया कम करने के लिए निगम प्रशासन पर दबाव डाल रहे थे। सूत्रों के अनुसार कुछ नेताओं ने भरोसा भी दिया कि गंज और सब्जी मंडी का किराया तय नहीं होेगा। इसके लिए कमेटी बनाकर मामला टाला जाएगा। सदन में भी कई भाजपा पार्षद कमेटी बनाने की बात कहकर टालने की कोशिश करते दिखे थे। अब जब किराया बढ़ गया है तो कारोबारी नेताओं से खफा हो गए हैं।
भाजपा शासित निगम का फैसला गलत
भाजपा शासित नगर निगम ने कारोबारियों का पक्ष नहीं सुना है। किराया बहुत ज्यादा बढ़ाया गया है जिसे हर कारोबारी नहीं दे सकता। पहले कारोबारी जीएसटी से परेशान था, अब मनमाना किराया थोप दिया गया। कारोबारी एक बार सरकार से बात करेंगे। बात नहीं बनी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
- इंद्रजीत सिंह, अध्यक्ष व्यापार मंडल शिमला