अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जोनल अस्पताल डीडीयू में करोड़ों रुपये की बिल्डिंग तो बन गई, लेकिन उद्घाटन के सात महीनों बाद भी अस्पताल में डिजिटल एक्सरे प्लांट स्थापित नहीं हो पाया। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से बने डीडीयू के नए भवन में निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही डिजिटल एक्सरे प्लांट स्थापित करने के दावे कर दिए गए थे, जो हकीकत में तबदील नहीं हो पाए।
अस्पताल में मौजूदा समय में लगी एक्सरे मशीनों के पार्ट्स आए दिन खराब हो जाते हैं। हालांकि आम एक्सरे यहां पर सामान्य तौर पर किए जाते रहे हैं। लेकिन मरीजों की समस्या का हल स्वास्थ्य महकमा नहीं कर पाया है। आज भी बाबा आदम की मशीनों में पुरानी एक्सरे फिल्मों को देखकर मरीजों को इलाज देना मजबूरी है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि नए प्लांट को लेकर सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है। लेकिन, यह कब सिरे चढ़ेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता।
अस्पताल के नए भवन में 135 बिस्तर
अस्पताल का नया भवन 135 बिस्तरों वाला बनाया गया है। इस भवन में एंटीनेटल, गायनी, लेबर रूम, प्लास्टर रूम और ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं। रिपन अस्पताल के नए भवन में दो मंजिला पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
कोट्स
एक्सरे प्लांट लगाने को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजा है। सचिव के साथ इस मुद्दे पर बैठक भी हो चुकी है। इन दिनों छुट्टी पर हूं। मशीन कब तक लगेगी, ज्वाइनिंग के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
- डॉ. रंजना राव, वरिष्ठ चिकित्सक अधीक्षक, डीडीयू