एचपीयू और कॉलेजों में यूजी की परीक्षाओं तथा पीजी कोर्स की कक्षाओं के चलते लोकसभा चुनाव में भले ही युवाओं की सक्रियता कम रहे बावजूद इसके छात्र संगठन इसमें अपनी अहम भूमिका निभाने को तैयार हैं। तीनों संगठनों में कॉमन बात यह है कि वह इस चुनाव में युवा मतदाताओं को हर हाल में मतदान करने के लिए प्रेरित करेंगे। युवा समझता है कि सही उम्मीदवार के चुने जाने से ही उनका भविष्य संवर सकता है।
छात्र संगठन सीधे तौर पर राजनीतिक पार्टियों के चुनावी एजेंडे पर न चलकर अपने तरीके से कार्य करेंगे। चुनाव के दौरान तीनों छात्र संगठन एसएफआई, एबीवीपी और एनएसयूआई अपने-अपने तरीके से कार्य करेंगे तथा लोगों को मतदान का महत्व समझाएंगे। तीनों छात्र संगठन के नेताओं ने चुनाव को लेकर अपनी तय रणनीति और कार्य योजना का भी खुलासा किया। छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वह ऐसा उम्मीदवार चाहते हैं जो बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए काम करें।
भाजपा हराओ आधारित रहेगा नारा : कायथ
एसएफआई के राज्य अध्यक्ष विक्रम कायथ ने साफ किया कि केंद्रीय नेतृत्व के दिशा निर्देशों के मुताबिक ही एसएफआई कार्यकर्ता कार्य करेंगे। कहा कि यह तय है कि केंद्र में रही युवा और बेरोजगार विरोधी सरकार भाजपा हराओ का नारा रहेगा। मंडी में माकपा के उम्मीदवार मैदान में है, वहां उनका समर्थन किया जाएगा। अन्य तीन सीटों पर विकास, शिक्षा, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर केंद्र में आवाज उठाने वाले काबिल उम्मीदवार को समर्थन देंगे।
प्रदेश में चलाएंगे अभियान : राहुल राणा
एबीवीपी के प्रांतमंत्री राहुल राणा ने बताया कि एबीवीपी ने पुलवामा हमले से पूर्व प्रदेश में युवा मतदाताओं को मतदान करने के लिए अभियान शुरू कर रखा है। यह पूरे प्रदेश में जोरदार तरीके से चलाया जाएगा। सौ फीसदी मतदान करवाने का लक्ष्य रखा है। एबीवीपी भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने, राष्ट्रहित में कार्य करने वाले और देश के विकास के साथ युवाओं, बेरोजगारों के हित में काम करने में सक्षम के लिए मतदान की अपील करेगी। किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार में सक्रिय रूप से संगठन भाग नहीं लेगा।
नए मतदाताओं को करेंगे प्रेरित : एनएसयूआई
एनएसयूआई के प्रदेश मंत्री रूबल ठाकुर और प्रतिक शर्मा ने बताया कि एनएसयूआई कांग्रेस का अग्रणी छात्र संगठन होने के नाते चारों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए प्रचार में सहयोग करेगी। इसके साथ ही इस चुनाव में पहली बार मत का प्रयोग करने वाले मतदाताओं को हर हाल में मतदान करने के लिए जागरूक करेगी। युवाओं के हित, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को केंद्र में उठाने और कल्याणकारी योजनाएं लागू करवाने में सक्षम उम्मीदवारों का समर्थन किया जाएगा। धर्म और जाति के नाम पर ओछी राजनीति करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।