सर्दियों के मौसम में भी शहर में पानी का संकट हो गया है। राजधानी की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना गुम्मा से पानी की सप्लाई ठप होने से शहर के कई इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। ढली, भट्ठाकुफर, समिट्री आदि इलाकों में तो चार दिन से पानी नहीं आया है। वहीं कनलोग में रविवार को सप्लाई आनी थी। लोग सुबह से पानी का इंतजार करते रहे लेकिन शाम तक भी सप्लाई नहीं आई।
शहर में सोमवार को भी पानी का संकट रहेगा। उधर, सेंट्रल जोन, चौड़ा मैदान और छोटा शिमला जोन के तहत आने वाले इलाकों में भी अब रोज की सप्लाई बंद कर दी गई है। बताया जा रहा है कि गुम्मा परियोजना में टैंकों और मशीनरी की सफाई चल रही है। इसके चलते पिछले दो दिन से इस परियोजना में पंपिंग पूरी तरह ठप है। शहर को गुम्मा और नोटी खड्ड से रोजाना 20 एमएलडी से अधिक पानी की सप्लाई होती है।
लेकिन दो दिन से यह सप्लाई बंद है। रविवार को गिरि समेत बाकी परियोजनाओं से शहर को महज 29 एमएलडी पानी मिला है। यह सामान्य से करीब 20 एमएलडी कम है। पर्याप्त सप्लाई न मिलने के बाद शहर में पेयजल शेड्यूल बिगड़ गया है। पिछले हफ्ते ही गुम्मा परियोजना की पाइपलाइन बदलने का काम चला था। तब भी शहर के लिए पानी की सप्लाई बंद हो गई थी।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा संकट
गुम्मा परियोजना से ढींगूधार, समिट्री, ढली, अपर ढली, हिमगिरी, इंद्रनगर, चलौंठी, भट्ठाकुफर, नेरीधार, गाहन, बनरेड़ू, टनल और संजौली के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति होती है। अब सप्लाई ठप रहने से इन इलाकों में चूरट के पानी से ही आपूर्ति की जा रही है। चूरट से करीब तीन एमएलडी पानी आता है। ऐसे में कई इलाकों में चार दिन बाद भी पानी नहीं आ रहा। भट्ठाकुफर के पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर का कहना है कि गाहन और भट्ठाकुफर इलाके में चार दिन बाद भी पानी नहीं आया है। निगम के संजौली दफ्तर में कई बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन पानी नहीं दिया जा रहा।
सफाई के चलते आई दिक्कत
गुम्मा परियोजना में क्लीनिंग वर्क के चलते पंपिंग रोकनी पड़ी है। शहरवासियों को साफ पानी मिले, इसके लिए टैंकों की नियमित सफाई की जा रही है। जल्द लोगों को नियमित पानी मिलने लगेगा।
- राजेश कश्यप, अधिशासी अभियंता