आईजीएमसी के बाल रोग विभाग में दाखिल बारह साल के बच्चे की इंजेक्शन लगाने के बाद मौत हो गई। अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने खूब हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की जान गई है। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने इमरजेंसी के बाहर अस्पताल के एमएस का घेराव भी किया। इसके बाद उन्होंने परिजनों को समझाया और पूरा मामला शांत करवाया।
कुमारसैन के रहने वाले रूबल (12) को मंगलवार को अस्पताल में दाखिल करवाया था। बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। चिकित्सकों ने बच्चे की हालत को देखते हुए वार्ड में दाखिल किया। बुधवार सुबह बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। इस दौरान बच्चे के दादा-दादी भी अस्पताल में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बच्चे की बिगड़ती तबीयत देखते हुए डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगाया।
इसके बाद नाजुक हालत में बच्चे को डॉक्टरों ने खुद ही उठाकर अस्पताल की आईसीयू पहुंचाया। सुबह पौने नौ बजे के करीब बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद अस्पताल में मौजूद एक युवती ने डॉक्टरों के साथ बहस भी की और आरोप लगाए कि उनकी लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है। हालांकि इस बीच बच्चे का पोेस्टमार्टम करवाने की बात कही गई लेकिन परिजन गुस्से में अपने बच्चे को अस्पताल से घर ले आए।
बच्चे के मौत के मामले की होगी जांच
वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने कहा कि अस्पताल में बच्चे की मौत के मामले की जांच होगी। जांच को लेकर एक टीम का गठन किया जाएगा ताकि मामले की पूरी सच्चाई बाहर आ सके।