उम्मीद थी चालीस की, बढ़े सिर्फ दस करोड़
एचपीयू के वार्षिक अनुदान में 100 से 110 करोड़ की ग्रांट
गतिविधियों के लिए फिर खाली रही एचपीयू की झोली
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश सरकार से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को सालाना मिलने वाली ग्रांट इन एड (वार्षिक अनुदान) में महज दस करोड़ की बढ़ोतरी प्रदेश सरकार ने बजट में की है। जबकि, विश्वविद्यालय अपनी पुरानी देनदारियों को अदा करने और घाटा कम करने को ग्रांट को 140 करोड़ करने की मांग कर रहा था। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय की ओर से प्रदेश में सत्तासीन हुई नई सरकार से कर्मचारियों को डीए और आईआर का भुगतान करने के लिए 15 और छात्रावासों की मरम्म्त और रखरखाव के कार्य के लिए अतिरिक्त 15 करोड़ के बजट की उम्मीद थी। विवि के कुलपति ने प्लानिंग बोर्ड की बैठक के दौरान वार्षिक अनुदान को बढ़ाकर 140 करोड़ करने की मांग रखी थी। प्रदेश सरकार के शुक्रवार को पेश किए गए बजट में विवि की वार्षिक ग्रांट इन एड में महज दस करोड़ की बढ़ोतरी कर इसे सौ से 110 करोड़ किया गया है। सरकार के पेश किए गए बजट से विवि समुदाय की उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं। दो सौ करोड़ तक जाने वाले विवि के अपने वार्षिक बजट में 145 करोड़ तक नए वित्त वर्ष 2018-19 में अपने 900 शिक्षक गैर शिक्षक कर्मचारियों के वेतन और 1025 पेंशनरों की पेंशन पर व्यय होगा।
कैसे पूरे होंगे नए छात्रावास निर्माण के कार्य
ऐसे में प्रदेश सरकार से मिले अनुदान से विश्वविद्यालय एक नए पैसे की विकासात्मक गतिविधियां नहीं करवा पाएगा। इसके लिए फिर से विवि को पूरी तरह से प्रदेश सरकार पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। ऐसे में विवि में नए छात्रावासों के निर्माण, घणाहट्टी में नए प्रोफेशनल कोर्स के लिए अलग से कैंपस बनाने और ऊना, मंडी में अलग सेंटर बनाए जाने की जो योजनाएं बनाई गई थीं, वे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएंगी, वे कम से कम इस नए वित्त वर्ष में बिना सरकार की मदद से शुरू ही नहीं हो पाएंगी।
पिछली सरकार ने दस करोड़ बढ़ाई थी ग्रांट
पिछले वित्त वर्ष में तत्कालीन प्रदेश में रही कांग्रेस की सरकार से विवि ने विवि के वार्षिक अनुदान को 90 करोड़ से बढ़ाकर 120 करोड़ करने की मांग उठाई थी, मगर इसमें सिर्फ दस करोड़ की बढ़ोतरी कर इसे सौ करोड़ किया गया था। अबकी बार विवि ने नई सरकार ने वार्षिक ग्रांट इन एड को सौ से 140 करोड़ करने करने की मांग उठाई थी, जिससे विवि अपनी पिछली देनदारियों को अदा कर सके और बजट घाटे को कम कर सके। इस पर एकाएक प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को डीए और आईआर की घोषणा कर दी, जिस पर विवि ने अतिरिक्त 15 करोड़ के अलावा राज्यपाल के विवि छात्रावास दौरेे के दौरान दिए आदेशों पर छात्रावासों की छतों, वायरिंग को बदलने के साथ मरम्मत कार्य का खर्च पूरा करने को अतिरिक्त 15 करोड़ की ग्रांट देने की मांग भी उठाई थी।
अनुदान बढ़ने की 31 मार्च तक है उम्मीद : नरेंद्र
विवि के वित्त अधिकारी नरेंद्र ठाकुर का कहना है बढ़े वेतन और डीए, आईआर जैसे खर्च पूरे करने को प्रदेश सरकार से और ग्रांट बढ़ने या एडिशनेलिटी मिलने की उम्मीद है। विवि की आर्थिक स्थिति से प्रदेश सरकार को अवगत करवाया गया है। सरकार 31 मार्च से पहले विवि को ग्रांट बढ़ाकर राहत दे सकती है।