महालेखाकार कार्यालय ने इस पर भी आपत्ति जताई है कि योजना की 18.82 करोड़ की जो राशि विभाग ने खर्च की है, उसके संबंध में अभी तक केंद्र सरकार को राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है।
इस संबंध में बागवानी विभाग से सात दिन में जवाब मांगा गया है। बागवानी विभाग के सूत्रों के अनुसार हर साल सीए की सेवाएं विभाग हर साल लेता रहा है। हैरानी की बात यह है कि इसके बाद भी यह गंभीर मामला सीए की नजर से कैसे बचता रहा।
क्या कहते हैं बागवानी मंत्री
राज्य के बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इस मामले की छानबीन करके दोषी अफसरों पर सरकार कार्रवाई करेगी।