बीएल वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 16 रोजगार मेलों का आयोजन किया जा चुका है। केंद्र सरकार मिशन मोड पर काम करती है। निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर प्रदान करने का काम किया जा रहा है। सरकार छोटे और बड़े सभी प्रकार के उद्योग स्थापित करने के लिए भी सुविधा प्रदान कर रही है। रोजगार व स्वरोजगार उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए रोजगार को केवल नीति नहीं, एक अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। इससे युवाओं में नया भरोसा जागा है कि मेहनत का फल अवश्य मिलता है।
कर्मयोगी पोर्टल का जिक्र करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से नवनियुक्त युवाओं को प्रशिक्षण देने का काम भी तेजी से हो रहा है। वर्तमान समय में भर्ती में पारदर्शिता, पदोन्नति में गति और विवादों का तुरंत समाधान, यह तीनों केंद्र सरकार की उपलब्धियां रही है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से अब तक करोड़ों युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण प्रदान करने का काम हो चुका है। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से भी करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करवाया जा चुका है। 2014 तक करीब 350 स्टार्टअप होते थे।
आज इनकी संख्या 1.60 लाख से अधिक हो गई है। मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने कहा कि रोजगार मेले नए भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को सम्मान देने का प्रतीक है। डाक विभाग को इस पूरे आयोजन का नोडल विभाग बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर सीजीएमटी बीएसएनएल चरण सिंह, मुख्य प्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया विभु कांत शर्मा, आयकर अधिकारी वरुण खारी और रेलवे चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिता मीना भी मौजूद रहे।