प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए कि वह डॉक्टरों की भर्ती नियमित आधार पर भरने बाबत विचार करे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने सरकार को 14 मार्च तक यह निर्णय लेने के आदेश दिए हैं।
प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों व नर्सों की कमी को लेकर दायर जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि 12 डॉक्टर अनुबंध आधार पर नियुक्त किये गए हैं और 202 डॉक्टरों ने अनुबंध पर अपनी सेवाएं देने बारे सहमति दी है और इन्हें शीघ्र ही नियुक्तियां दे दी जाएगी।
कोर्ट ने स्टाफ नर्सों की भर्ती बाबत इनके भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को तीन सप्ताह में अंतिम रूप देने को कहा है। कोर्ट ने स्टाफ सेलेक्शन कमीशन को 28 फरवरी तक नर्सों के रिक्त पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी करने के आदेश भी दिए। कोर्ट ने स्वास्थ्य संस्थानों में अन्य तरह के पदों को भी तय सीमा के भीतर भरने के आदेश दिए हैं। मामले पर अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।