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टाउन हॉल पर हाईकोर्ट से नगर निगम को झटका

Fri, 04 Jan 2019 12:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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नगर निगम को टाउन हॉल पर हाईकोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने नगर निगम और सरकार के प्लान को खारिज कर दिया है। प्रदेश उच्च न्यायालय ने वीरवार को टाउन हॉल शिमला के जीर्णोद्धार के बाद इस्तेमाल पर निगम और सरकार द्वारा बनाई योजना को खारिज करते हुए इसमें स्टेट म्यूजियम को शिफ्ट करने के सुझाव पर निर्णय लेने के आदेश जारी किए हैं।

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कोर्ट में दिए सुझाव पर महाधिवक्ता ने आश्वस्त किया कि इस बारे मामला सरकार में उच्च स्तर पर रखा जाएगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने टाउन हॉल के जीर्णोद्धार के बाद इसके इस्तेमाल की विस्तृत योजना का ब्यौरा मांगा था।

निगम आयुक्त ने शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट को बताया था कि तपोवन धर्मशाला में टाउन हॉल के इस्तेमाल को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मीटिंग हुई थी। इसमें फैसला लिया गया कि टाउन हाल के फर्स्ट फ्लोर में निगम के उच्च पदाधिकारियों को स्थान मुहैया करवाया जा सकता है। ग्राउंड फ्लोर में हाई एंड कैफे, इंफार्मेशन सेंटर, बच्चों से जुड़ी सुविधाएं और बुटीक वगैरह खोला जा सकता है जिससे निगम को आमदनी प्राप्त हो सके। शपथ पत्र एटिक में सिटी म्यूजियम खोलने का भी प्रस्ताव बताया है।
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इस पर जताई है आपत्ति
कोर्ट ने निगम के केवल उच्च अधिकारियों को फर्स्ट फ्लोर में जगह देने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वह इस राय से सहमत नहीं है कि कुछ बड़े अधिकारियों को टाउन हॉल में जगह दी जाए और अन्य कर्मियों को अन्य स्थानों पर रखा जाए। यह योजना व्यवहारिक नहीं है क्योंकि इससे निगम का कार्य सही ढंग से नहीं चल सकता। मामले पर सुनवाई 13 मार्च को निर्धारित की गई है।

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डाक्टरों की भर्ती को नियमित आधार पर भरने पर विचार करे सरकार : हाईकोर्ट

प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए कि वह डॉक्टरों की भर्ती नियमित आधार पर भरने बाबत विचार करे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने सरकार को 14 मार्च तक यह निर्णय लेने के आदेश दिए हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों व नर्सों की कमी को लेकर दायर जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि 12 डॉक्टर अनुबंध आधार पर नियुक्त किये गए हैं और 202 डॉक्टरों ने अनुबंध पर अपनी सेवाएं देने बारे सहमति दी है और इन्हें शीघ्र ही नियुक्तियां दे दी जाएगी।

कोर्ट ने स्टाफ  नर्सों की भर्ती बाबत इनके भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को तीन सप्ताह में अंतिम रूप देने को कहा है। कोर्ट ने स्टाफ  सेलेक्शन कमीशन को 28 फरवरी तक नर्सों के रिक्त पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी करने के आदेश भी दिए। कोर्ट ने स्वास्थ्य संस्थानों में अन्य तरह के पदों को भी तय सीमा के भीतर भरने के आदेश दिए हैं। मामले पर अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।
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