शहर में रोज कूड़ा उठे न उठे, लेकिन नगर निगम अब पूरे साल का शुल्क एकसाथ वसूलने की तैयारी कर रहा है। जनता से प्रापर्टी टैक्स के साथ ही यह शुल्क वसूला जाएगा। इस बार मासिक बैठक में इस प्रस्ताव पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, निगम के इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरू हो गया है।
खुद मेयर ने इस प्रस्ताव को नकार दिया है। निगम प्रशासन ने जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसके अनुसार अप्रैल महीने में ही प्रॉपर्टी टैक्स के साथ घरेलू उपभोक्ताओं से कूड़े का शुल्क भी लिया जाएगा। पुणे, मुंबई जैसे शहरों में यही व्यवस्था है। निगम का दावा है कि इससे सुपरवाइजरों को हर महीने कूड़ा शुल्क के लिए फील्ड में नहीं दौड़ना पड़ेगा। साथ ही रिकवरी भी पहले से बेहतर होगी।
भवनमालिक अपने किराएदारों से पूरे साल का शुल्क एकसाथ लेंगे और टैक्स जमा करते वक्त इसका भुगतान भी कर देंगे। निगम ने अपनी कमाई बढ़ाने के लिए यह प्रस्ताव तो तैयार कर लिया, लेकिन पूरे साल का शुल्क देने के बाद रोज कूड़ा उठेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
विकासनगर, पंथाघाटी, छोटा शिमला, मल्याणा, नाभा, मज्याठ समेत कई वार्डों में हजारों घर ऐसे हैं जिनसे कई महीने से कूड़ा नहीं उठ रहा। ऐसे में इन लोगों से कैसे निगम पूरे साल का शुल्क वसूलेगा। यदि सैहबकर्मी हड़ताल पर जाते हैं तो भी शहरवासी कुछ नहीं कर पाएंगे क्योंकि शुल्क वे पहले चुका चुके होंगे।
निगम के प्रस्ताव को मेयर ने भी नकारा
निगम प्रशासन के इस प्रस्ताव का खुद महापौर कुसुम सदरेट ने विरोध कर दिया है। मेयर का कहना है कि इससे जनता पर बोझ बढ़ेगा। कहा कि उनका निजी तौर पर इस प्रस्ताव के खिलाफ विरोध रहेगा। सदन में भी वह इसका विरोध करेंगी।
लेकिन चर्चा के बाद जो भी फैसला होगा, वह लागू किया जाएगा। बहरहाल जो भी हो, देखना रोचक होगा कि सदन में कौन पार्षद इसका समर्थन करते हैं और कौन विरोध। जनता अब तक एकसाथ पानी के बिल चुकाने को मजबूर थी अब कूड़े के बिल एकसाथ देने होंगे।