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छात्रों की मांगों पर शहर के कॉलेजों में हल्ला बोल

Fri, 13 Jul 2018 11:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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एसएफआई की शिमला शहरी इकाई के आवाहन पर वीरवार को शहर के सभी कॉलेजों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संजौली, आरकेएमवी, कोटशेरा और इवनिंग कॉलेज में एसएफआई की इकाईयों ने धरना प्रदर्शन किया। इसमें संगठन कार्यकर्ताओं ने कॉलेजों में रिक्त पड़े पदों को जल्द भरने, मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने जैसी आम छात्रों से जुड़ी मांगों को उठाया। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने इस दौरान नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के बाद कॉलेज इकाई के पदाधिकारियों की अगुवाई में प्राचार्य को मांगपत्र सौंपे।

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शहरी इकाई उपाध्यक्ष अनुुज और सचिव अनिल ठाकुर ने बताया कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है लेकिन हर कॉलेज में कई तरह की समस्याओं का छात्रों को सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान उठाई कॉलेज छात्रों की स्थानीय मांगों में कॉलेजों में रिक्त पड़े शिक्षक और गैर शिक्षकों के पदों को जल्द भरने, परिसर में पीने के साफ पानी मुहैया करवाने और शौचालयों की सफाई व्यवस्था सुधारने, सभी बस सुविधा मुहैया करवाने, कॉलेजों में एंटी रैगिंग और लिंग संवेदनशील कमेटियों का गठन कर सक्रिय करने, परिसर में वाई फाई सुविधा दिए जाने की मांग की गई।

इसके अलावा बस पास बनवाने को कैंपस में काउंटर खोलने, पार्किंग की व्यवस्था करने, कैंटीन में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को सुधारने, कक्षाओं के लिए पर्याप्त क्लास रूम और बैंच उपलब्ध करवाने जैसी मांगें भी छात्र नेताओं ने विवि प्रशासन से की। साथ ही चेताया कि यदि मूलभूत सुविधाएं मुहैया न करवाई गई तो, एसएफआई आम छात्रों को आने वाले समय में लामबंद कर आंदोलन करेगी।
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प्रवेश परीक्षा तिथि को लेकर किया डीएस का घेराव- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विवि इकाई ने एमकॉम की रद्द की गई प्रवेश परीक्षा को दोबारा करवाने को परीक्षा तिथि जल्द तय करने की मांग को लेकर वीरवार को डीएस का घेराव किया। इकाई अध्यक्ष विश्वबंधु, सचिव सुयश पवार और प्रेस सचिव अश्वनी ठाकुर की अगुवाई में डीएस कार्यालय पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने डीएस को एक दिन के भीतर एमकॉम की प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित करने का अल्टीमेटम दिया।

अध्यक्ष विश्वबंधु शर्मा ने कहा कि जब प्रवेश परीक्षा को रद्द करने का निर्णय करना था तब तो प्रशासन ने तुरंत निर्णय ले लिया बिना यह सोचे कि उन छात्र छात्राओं का क्या होगा जिन्होंने परीक्षा दी है। अब परीक्षा दोबारा करवाने में आनाकानी की जा रही है। यह सहन नहीं किया जाएगा।

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