पूर्व नगर निगम महापौर और वर्तमान भाजपा महिला मोर्चा उपाध्यक्ष मधू सूद के बयान पर सियासत गरमा गई है। पूर्व मेयर के बयान का समर्थन करते हुए कांग्रेसी पार्षदों ने मेयर को तुरंत पद छोड़ने को कहा है। पूर्व मेयर मधू सूद ने शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल होने के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया था।
शुक्रवार को निगम कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी पार्षद राकेश चौहान, अर्चना धवन और दिवाकर शर्मा ने कहा कि पहले जनता और पार्षद ही सवाल उठा रहे थे। अब खुद भाजपा के नेता भी निगम के काम से नाखुश हैं। उन्होंने कहा कि महापौर तानाशाही कर रही हैं।
अपनी सुविधा के मुताबिक सदन और विशेष बैठकें बुलाई और रद्द की जा रही हैं। बरसात को लेकर भी जो बैठकें हो रही हैं, उसमें भी सिर्फ भाजपा पार्षदों को बुलाया जाता है। अर्चना धवन ने कहा कि निगम मई का बिल माफ कर जनता को राहत दे सकता था लेकिन बैठक टाल कर मेयर ने यह राहत भी नहीं दी।
पार्षद राकेश चौहान ने सरकार और संगठन से पूछा कि क्या भाजपा पार्षदों में यही दो लोग काबिल हैं जिन्हें मेयर और डिप्टी मेयर पद से हटाया नहीं जा रहा? क्यों हंगामे से बचने को बैठकें रद्द हो रही हैं? पार्षद सिमी नंदा और माकपा पार्षद शैली शर्मा ने भी पूर्व मेयर मधू सूद के बयानों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने में महापौर नाकाम हैं, उन्हें तुरंत पद से हटना चाहिए।