ठियोग में पांच घंटे तक निकाला शिमला पुलिस के खिलाफ गुस्सा
भीड़ को शांत करने की नाकाम साबित हुई पुलिस की हर कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
ठियोग (रामपुर बुशहर)।
शुक्रवार सुबह 11 बजे। गुड़िया से दुराचार के बाद हत्या के मामले में एसआईटी जांच से असंतुष्ट स्थानीय लोग जुटने लगे। मैदान से जुलूस की शक्ल में भीड़ विरोध दर्ज करवाने के लिए पुलिस थाने की बढ़ने लगी। चंद मिनटों में जलूस जनसैलाब में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए एसपी शिमला भी अपनी टीम के साथ मुस्तैद थे। भीड़ ने एसपी के सामने सीबीआई जांच की मांग के साथ पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
एसपी समझाने की कोशिश कर रहे थे कि इसी बीच उग्र भीड़ ने उनसे हाथापाई शुरू कर दी। खासी मशक्कत के बाद पुलिस कर्मियों ने एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी को थाने के अंदर सुरक्षित पहुंचाया। इसके बाद थाने पर पथराव कर दिया गया। लोगों ने थाने के आसपास कई गाड़ियों को तहस-नहस कर दिया। इसके बाद भीड़ लोनिवि के विश्राम गृह में पास डेरा डालकर बैठ गई। गुड़िया को इंसाफ के नारों की गूंज से पूरा ठियोग एकजुट हो गया। स्थानीय जनता, गुड़िया के गांव की जनता, भाजपा, कांग्रेस, माकपा और अन्य कई सामाजिक संस्थाओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। गुड़िया के इंसाफ को लेकर व्यापार मंडल ठियोग ने भी पूर्ण रूप से कारोबार को बंद रखकर सहयोग दिया। लोगों में इतना रोष था कि कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं था ।
पुलिस की बसों के टायर किए पंक्चर
आंदोलन पर काबू पाने के लिए ठियोग पुलिस और प्रशासन ने शिमला से अतिरिक्त फोर्स मंगवाई। लेकिन इस वाहन को देखते ही जनता में रोष फैल गया। बस के टायर पंक्चर कर प्रदर्शनकारियों ने बस की छत को ही मंच बना दिया ।
फौजी वाहनों और एंबुलेंस को दिया रास्ता
हालांकि, गुस्साई जनता ने दरियादिली वहां दिखा दी, जहां उन्होंने सीमा पर देश को सुरक्षा प्रदान करने वाले सेना के वाहनों और मरीजों के वाहनों को जाम का शिकार नहीं होने दिया ।
एसपी से थी भारी नाराजगी
गुड़िया की बहन, उसके पिता और अन्य सभी परिजनों ने बताया कि मामला जब तक ठियोग पुलिस के डीएसपी और उनकी टीम देख रही थी तो कार्रवाई में कोई कमी नहीं थी। लेकिन प्रदेश सरकार के इशारे पर डीजी और एसपी शिमला को लेकर जांच के लिए टीमें बनाई गईं। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा और अंत में डीजी साहब उत्तराखंड और नेपालियों को आरोपी बता रहे हैं जो उन्हें रास नहीं आया है ।
विधायक और पूर्व विधायक भी पहुंचे
चौपाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक बलबीर वर्मा भी आंदोलन में शामिल हुए। साथ ही कुछ ही देरी में ठियोग विस क्षेत्र के पूर्व विधायक राकेश वर्मा भी पहुंचे। एसडीएम ठियोग ने मुख्यमंत्री की सीबीआई जांच की घोषणा की प्रतिलिपि जनता को दिखाकर आंदोलन को शांत किया।