हालांकि, यह आरोप कितने सही हैं, इसका पता जांच के बाद चलेगा। कर्मचारियों का एक बड़ा गुट जहां अधिकारी के खिलाफ खड़ा हो गया है, तो कई कर्मचारी और पार्षद अभी भी अधिकारी के साथ हैं। गौरतलब है कि एमसी के सदन में भी इस मामले को लेकर खूब हंगामा हुआ था। इसे लेकर जमकर तू-तू मैं मैं हुई थी।
अफसरों में घमासान, एकसाथ बैठकें तक नहीं
नगर निगम में वरिष्ठ अफसरों के बीच जारी घमासान अब सबके सामने आ गया है। ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद अधिकारियों के बीच गहमागहमी और बढ़ गई है।
हालत यह है कि शहर के विकासकार्यों को लेकर होने वाली निगम की समीक्षा बैठकों में भी अब सभी अधिकारी एकसाथ नहीं बैठ रहे। इस मुद्दे पर पार्षद भी सरकार से जांच की मांग कर चुके हैं। अफसरों के बीच बढ़ती खाई से आने वाले दिनों में घमासान और बढ़ने के आसार हैं।