सदन में गिरि खड्ड में हो रही अवैध डंपिंग का मामला भी उठा। पार्षद शैली शर्मा, राकेश चौहान और आरती चौहान ने कहा कि इतने समय से खड्ड में डंपिंग हो रही है, लेकिन अफसर सो रहे हैं। भाजपा पार्षद आरती ने कहा कि इन पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर कांग्रेसी पार्षदों ने तंज कसा कि आपकी सरकार इन अफसरों पर मेहरबान है। तभी तो अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी एमडी धर्मेंद्र गिल ने कहा कि संबंधित विभाग और उपायुक्त को इसकी लिखित शिकायत दे दी है। निगम के एक अधिकारी इस बार भी सदन में नहीं पहुंचे।
पार्षद आरती चौहान ने कहा कि छह महीने से यह अधिकारी सदन में नहीं आ रहे हैं। आयुक्त ने कहा कि वह एक केस के सिलसिले में कोर्ट गए हैं। पार्षद आरती चौहान, शैलेंद्र चौहान ने कहा कि यदि अधिकारी अगले सदन में नहीं आए तो सदन नहीं चलने दिया जाएगा। सदन के दौरान उप महापौर राकेश शर्मा और पार्षद राकेश चौहान में भी तीखी नोंकझोंक हुई। डीएफओ सुशील राणा ने बताया कि 18 में से 10 प्रोजेक्टों को क्लीयरेंस मिल गई है। ये सभी एंबुलेंस रोड से जुड़े हैं।
सदन की प्रोसिंडिंग से छेड़छाड़ पर उठे सवाल
सदन की प्रोसिडिंग से छेड़छाड़ पर भी पार्षदों ने सवाल उठाए। पार्षद शैली शर्मा, दिवाकर शर्मा, आरती चौहान, राकेश चौहान ने पूछा कि क्यों सदन के फैसले बदले जा रहे हैं। शैली शर्मा ने प्रस्ताव रखा कि सदन की वीडियोग्राफी की जाए। इसे पारित कर दिया गया। आयुक्त पंकज राय ने बताया कि कूड़ा शुल्क भुगतान अब ऑनलाइन कर सकेंगे। इसका सॉफटवेयर तैयार हो रहा है।
पार्षद शैली शर्मा ने बीते सदन में हुए अभद्र व्यवहार पर एक कविता के जरिये नाराजगी जताई। पार्षद कमलेश मेहता ने नए मीटरों में लीकेज, सत्या कौंडल और शैलेंद्र चौहान ने क्लीयरेंस न मिलने से प्रोजेक्ट लटकने, पार्षद दिवाकर और विवेक शर्मा ने सीवरेज लाइन, सिमी नंदा ने पार्षदों को सील्ड रोड के परमिट न देने को लेकर सवाल पूछे।