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शहर में बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था पर पार्किंग संचालकों से रिकॉर्ड तलब

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फाइल फोटो
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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। राजधानी में बिगड़ती यातायात व्यवस्था के बीच जिला प्रशासन ने शहर की नौ बड़ी कार पार्किंग का रिकॉर्ड तलब किया है। पार्किंग क्षमता से अधिक वाहनों को पार्क करने संबंधी मंजूरी जारी करने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। इसमें जिन पार्किंगों का रिकॉर्ड मांगा है उनमें नगर निगम, रेलवे और आईएसबीटी टूटीकंडी की पार्किंग शामिल हैं। प्रशासन ने तीन दिन के भीतर संचालकों को इनका रिकॉर्ड देने को कहा है।
प्रशासन ने पूछा है कि आखिर इन पार्किंग में कितने वाहनों को खड़े करने की क्षमता है। साथ ही यह भी पूछा है कि किस पार्किंग से अब तक कितने वाहनों को पार्क करने संबंधी लेटर जारी किए हैं। इनका ब्यौरा भी दस्तावेजों समेत तीन दिन के भीतर प्रशासन को भेजना होगा। शिमला शहरी इलाके में हर साल 1500 से अधिक नए वाहन पंजीकृत हो रहे हैं। यह तभी पंजीकृत होते हैं जब इनके पास पार्किंग की सुविधा होगी। इसके लिए लोग पार्किंग संचालकों से पार्किंग सुविधा का लेटर जारी करवाकर वाहन का पंजीकरण करवा लेते हैं। शिकायतें मिल रही हैं कि पंजीकरण के समय पार्किंग के जो लेटर दिए जा रहे हैं, वह फर्जी हैं। कागजों में इन वाहन मालिकों के पास पार्किंग की सुविधा है लेकिन हकीकत में यह गाड़ियां सड़क पर खड़ी हो रही है। यही कारण है कि जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है।
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पार्किंग के नाम पर गड़बड़झाले का अंदेशा
शहर में नए वाहन के पंजीकरण के लिए पार्किंग की एनओसी अनिवार्य है। नई गाड़ी खरीदने के बाद वाहन मालिक को पंजीकरण से पहले यह बताना होगा कि वह अपनी गाड़ी कहां खड़ी करेगा। यदि पार्किंग की जगह नहीं है तो पंजीकरण नहीं होता। शहर में ज्यादातर लोगों के पास अपनी पार्किंग नहीं है। यह लोग नजदीक की पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने का हवाला देकर पंजीकरण करवाते हैं। इसके लिए बाकायदा पार्किंग संचालक से रसीद ली जाती है जिसमें संचालक मंजूरी देता है कि संबंधित वाहन उसकी पार्किंग में पार्क होगा। शिकायतें मिल रही हैं कि शहर में कई पार्किंग संचालकों ने इसे अपना धंधा बना लिया है। कई पार्किंगों की क्षमता दस वाहनों की भी नहीं है जबकि दर्जनों गाड़ियों को पार्किंग लेटर जारी कर दिए हैं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई पार्किंग संचालकों से ब्यौरा मांगा है। पंजीकरण में कितने लोगों ने किस पार्किंग का लैटर लगाया है, प्रशासन खुद भी इसका रिकॉर्ड चेक कर रहा है।
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एसडीएम शहरी नीरज चांदला ने कहा कि शहर की नौ पार्किंग से रिकॉर्ड मांगा गया है। तीन दिन के भीतर सभी संचालकों को पार्किंग क्षमता का ब्यौरा देना होगा। बताना होगा कि कितने वाहनों को पार्किंग सुविधा देने के लैटर जारी किए गए हैं।


इन पार्किंगों से मांगा है रिकॉर्ड
1. तांत्या कार पार्किंग संजौली
2. छोटा शिमला पार्किंग
3. शिमला टॉल्स एंड प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड खलीनी
4.जय माता तारा टैक्सी ऑपरेटर टूटीकंडी
5. एमसी कार पार्किंग नजदीक होटल होलीडे होम
6. एमसी कार पार्किंग नजदीक लिफ्ट
7. रेलवे कार पार्किंग, कार्टरोड
8.एमसी पार्किंग सिसिल होटल ग्राउंड फ्लोर
9. हिल्स व्यू कार पार्किंग कैथू
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