अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आईजीएमसी के ब्वॉयज हॉस्टल में हुड़दंग मचाने वाले मेडिकल छात्रों को एक सप्ताह में छात्रावास खाली करना होगा। आईजीएमसी प्रबंधन ने सोमवार को यह निर्देश जारी किए। हॉस्टल में रह रहे अन्य छात्रों को हिदायत दी है कि अगर कोई छात्र अपने कमरों में हॉस्टल से निकाले इन छात्रों को शरण देता है तो उन पर भी गाज गिरेगी। अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं होगी। आईजीएमसी के कॉलेज प्राचार्य डॉ. रविचंद शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। इसके अलावा हॉस्टल के कमरे में दरवाजे के साथ की गई तोड़फोड़ पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला जाना है।
ब्वॉयज हॉस्टल में रहने वाला इंटर्न छात्र अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में गया था। इसी बीच चार एमबीबीएस छात्र जोकि हॉस्टल में रहते थे, एक डे स्कॉलर के साथ हॉस्टल में आए और इंटर्न को बुलाने लगे। लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद इन सभी ने हॉस्टल के कमरे के दरवाजे को तोड़ा और कमरे में रखा सामान इधर उधर फेंक दिया। कमरे में पानी भी डाल दिया। बाद में जब इंटर्न छात्र आया तो इसकी शिकायत वार्डन को की। वार्डन ने मामला प्रिंसिपल को बताया। प्रिंसिपल ने बताया कि जांच में सामने आया है कि पांच छात्र शराब के नशे थे। इनमें तीन को तीन महीने और दो स्थायी रूप से हॉस्टल से निष्कासित किया है।
पहले से थी आपस में टकराव
जांच कमेटी ने पाया है कि दोनों पक्षों में पहले से ही टकराव था। पहले भी मामला पुलिस में जा चुका था लेकिन आपस में सुलझा लिया था। लेकिन अचानक की गई इस हरकत के बाद प्रशासन ने अब कड़ा कदम उठाया और कार्रवाई की। उधर हास्टल के कमरे में जो नुकसान हुआ है वह भी छात्रों द्वारा भरे जाने वाले जुर्माना राशि से पूरा किया जाएगा।