शब्दों में पिरोई कहानियां और पन्नों में सिमटी सच्चाई से भरी किताबें आपके शहर शिमला में पहुंच चुकी हैं। आपको अपनी मनपसंद किताबों को ढूंढने के लिए दुकानों की खाक छानने की भी जरूरत नहीं। यह सभी किताबें आपको एक ही जगह पर मिल जाएंगी। तो आइए देर किस बात की है, ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में पुस्तक मेला सज चुका है। शनिवार को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले का शुभारंभ राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया।
तपते मैदानों के चलते पहाड़ों की रानी इस वक्त सैलानियों से गुलजार है। इस वजह से पहले ही दिन पुस्तक मेले में लोगों की काफी भीड़ नजर आई। आयोजकों का दावा है कि मेले में लोगों को उनके मन मुताबिक करीब हर पुस्तक मिल जाएगी। मेले में देश-विदेश के 25 प्रकाशक भाग ले रहे हैं। ओकार्ड संस्था की ओर से भाषा एवं संस्कृति विभाग और भाषा कला अकादमी के साथ मिलकर इसका आयोजन किया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला 8 से 16 जून तक चलेगा। इसमें दो मेहमान मंगोलिया और द रिपब्लिक ऑफ बोसनिया एंड हरजेगोविना भी भाग ले रहे हैं।
इसमें वाणी प्रकाशन, जीनियय हाइव पब्लिकेशन, महावीर बुक डिस्ट्रीब्यूटर, एडवांस स्टडी और अहमदिया मुस्लिम कमोनिटी और रेडियो बोलती रामायण भाग ले रहे हैं। रेडियो बोलती रामायण का डिजिटल गायन संग्रह है। यह पहली बार शिमला पुस्तक मेले से शुरुआत कर रहा है। ओकार्ड एनजीओ और भाषा एवं संस्कृति विभाग तथा हिमाचल कला अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में 8 से 16 जून तक अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला शनिवार को शुरू हो गया।
राज्यपाल ने किया स्टालों का अवलोकन
पुस्तक मेले के शुभारंभ पहुंचे राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने इस दौरान पुस्तकों के हर एक स्टॉल पर जाकर किताबों को देखा। उन्होंने इनके बारे में विक्रेताओं से भी जानकारी हासिल की। राज्यपाल ने इस आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। राज्यपाल ने चिंता व्यक्ति की कि आज के समय में युवाओं में किताबों को पढ़ने की प्रवृत्ति कम हो रही है। राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि युवाओं में किताबें पढ़ने की रुचि पैदा करें।
छात्र बना रहे धरोहर भवनों की पेंटिंग
शिमला। गेयटी में पुस्तक मेले के साथ यहां कुछ छात्र पेंटिंग भी बना रहे हैं। कला महाविद्यालय चौड़ा मैदान शिमला के 10 छात्र यहां शिमला के धरोहर भवनों के चित्र बना रहे हैं। राज्यपाल ने इन बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने सांचा विद्या के विद्वान पंडित देवी राम से भी बात की। देवीराम को पांडु लिपि पढ़ने में महारत हासिल है। भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की सचिव डॉ. पूर्णिमा चौहान ने राज्यपाल को पुस्तक मेले के आयोजन संबंधी जानकारी दी। इस मौके पर विभाग की निदेशक कुमुद सेन भी मौजूद रहीं।