लोकसभा चुनाव खत्म होते ही शहर की सड़कों पर अवैध रूप से दुकानें सजा रहे तहबाजारियों पर नगर निगम का डंडा फिर चलने लगा है। नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने शनिवार को एक दर्जन से अधिक तहबाजारियों का सामान जब्त किया। हालांकि, कार्रवाई के बीच में ही कुछ पार्षदों के फोन भी बजने लगे। लेकिन निगम की टीम ने इसकी परवाह नहीं की। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा और एसडीएम नीरज चांदला की अगुवाई में एक टीम दोपहर बाद पुलिस के साथ लक्कड़ बाजार पहुंचीं।
देखा तो यहां बाजार से लेकर ऑकलैंड टनल तक दर्जनों लोग फल, सब्जी और दूसरे सामान की दुकानें सीढ़ियों तथा रास्तों पर सजाकर बैठे थे। टीम के पहुंचने की भनक पाते ही कई दुकानदार सामान समेटने लगे। उधर निगम की टीम ने बारी बारी से एक दर्जन से अधिक दुकानदारों का सामान जब्त कर लिया। इस सड़क पर कई दुकानदारों ने भी आधी सड़क तक अपनी दुकानें सजा रखी थीं। संयुक्त आयुक्त और एसडीएम ने इन्हें चेतावनी दी कि यदि दोबारा सामान सड़क या नालियों पर रखा पाया तो इसे जब्त कर लिया जाएगा। टीम ने इसके बाद मालरोड और लिफ्ट के पास अवैध रूप से फल बेचने वाले तहबाजारियों को भी हटा दिया।
पार्षद नहीं चाहते जनता को मिले राहत
पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई करने पहुंची टीम का तहबाजारी ज्यादा विरोध भी नहीं कर पाए। लेकिन इन्होंने पार्षदों से इसकी शिकायत की। उधर पार्षदों ने फोन कर कार्रवाई का विरोध किया। बोले, तहबाजारियों को बेवजह परेशान क्यों किया जा रहा है? शहर की जनता तहबाजारियों और बाजार में बढ़ते अतिक्रमण से परेशान है। जनता इससे निजात चाहती है लेकिन चुने हुए पार्षद हर बार रोड़ा अटकाते हैं। इससे पहले भी निगम के कई पार्षद तहबाजारियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, सदन और मीडिया के सामने यह अवैध तहबाजारियों का विरोध करते हैं, लेकिन इन पर कार्रवाई होते ही इनकी पोल खुल जाती है।