विश्वविद्यालय में हिंसा की घटनाओं के बाद हॉस्टलों में रात दस बजे के बाद एंट्री पर लगाई रोक के खिलाफ मंगलवार रात को शहीद भगत सिंह छात्रावास के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र इस प्रतिबंध और गेट पर पुलिस जवानों की तैनाती का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में पौने दस बजे से लेेकर रात करीब पौने बारह बजे तक यह प्रदर्शन चलता रहा।
इसके बाद मामले की सूचना चीफ वार्डन को दी गई। इस पाबंदी के मामले को फेक्ट फाइंडिंग कमेटी के समक्ष लेकर जाने के मिले भरोसे और एक दिन के लिए बाहर रहे छात्रों को एंट्री देने के बाद यह मामला शांत हुआ। छात्रावास के बाहर एकत्र 50 से अधिक छात्रों और बाहर खड़े अन्य छात्रों ने छात्रावास में दस बजे के बाद एंट्री पर लगाई रोक का पूरजोर विरोध किया। कहा कि यह तुगलकी फरमान उन्हें मंजूर नहीं। छात्रावासों में रहने वाले छात्र विवि पुस्तकालय के देर रात तक खुला रहने पर पढ़ाई करने के मकसद से नजदीक छात्रावासों में ठहरते हैं।
लेकिन दस बजे हास्टल का गेट बंद हो जाने से उन्हें इसका फायदा नहीं मिल रही। एसएफआई की विवि इकाई अध्यक्ष जीवन और सचिव विक्रम ने कहा कि विवि प्रशासन छात्रों को बंदियों की तरह छात्रावासों में कैद कर रहा है। गर्ल्स हास्टल में सात बजे ही गेट पर ताले जड़ दिए जाते हैं। मांग की कि विवि प्रशासन जल्द से जल्द इस प्रतिबंध को हटाए।
फेक्ट फाइंडिंग कमेटी ही लेगी फैसला: सिंह
विवि के चीफ वार्डन प्रो. नैन सिंह ने कहा कि यह फैसला विवि प्रशासन और हिंसा के बाद बनी फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का है। चीफ वार्डन कार्यालय सिर्फ इस लागू कर रहा है। प्रति कुलपति, डीएसडब्लू और सुरक्षा अधिकारी की इस तीन सदस्यीय कमेटी के समक्ष छात्रों की मांग को रख देंगे अंतिम फैसला इन्हीं का होगा।