अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आचार संहिता खत्म होते ही नगर निगम में बड़े फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगले कुछ दिन नगर निगम के कई अफसरों और कर्मचारियों के लिए काफी अहम रहने वाले हैं। इनमें नगर निगम आयुक्त पंकज राय के तबादले को लेकर भी अटकलें तेज हैं।
सूत्रों के अनुसार भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी आयुक्त से खुश नहीं हैं। चुनाव के दौरान यह पदाधिकारी आयुक्त की चुनाव आयोग से शिकायत भी कर चुके हैं। हालांकि, शहर में होर्डिंग्स लगाने को लेकर पैदा हुआ विवाद बाद में सुलझ गया था। उधर, काम को देखते हुए भाजपा पार्षदों का एक गुट पंकज राय के साथ भी खड़ा है। पंकज राय के कार्यभार संभालने के बाद ही निगम में भाजपा पार्षदों की खींचतान थमी थी। इनके अलावा अतिरिक्त आयुक्त (विधि) जोगेंद्र चौहान के तबादले की भी अटकलें तेज हैं। ज्यादातर पार्षद कई महीने से सरकार पर उनके तबादले का दबाव बना रहे हैं। अब भाजपा के अपने पार्षद मेयर की अगुवाई में सीएम से मिलकर उनके तबादले की मांग करने जा रहे हैं। देखना होगा अपने पार्षदों की मांग पर सरकार क्या फैसला लेती है।
कई और कर्मचारी भी हैं निशाने पर
सड़क एवं भवन निर्माण शाखा के एसडीओ राजेश ठाकुर की अधिशासी अभियंता के पद पर प्रमोशन की अधिसूचना भी जल्द जारी हो सकती है। इनके पदोन्नत होने पर वर्तमान अधिशासी अभियंता सुधीर गुप्ता का तबादला हो सकता है। हालांकि, यह अभी तय नहीं है। एसडीओ का पद खाली होने पर वहां किसी वरिष्ठ कनिष्ठ अभियंता को तैनात किया जाना है। निगम की शाखाओं में तैनात कई कर्मचारियों पर भी तबादले की तलवार लटकी है। महापौर के निजी सचिव गीताराम शर्मा इसी माह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। सूत्रों के अनुसार आयुक्त के वर्तमान निजी सचिव डीएस परमार इनकी जगह लेंगे। इसके अलावा अतिरिक्त आयुक्त कार्यालय में तैनात वरिष्ठ महिला कर्मी आयुक्त के निजी सचिव का कार्यभार संभाल सकती हैं।