शिमला। शहर के हर वार्ड में एक हफ्ते सफाई अभियान चलाने के दावे पर सवाल खडे़ हो गए हैं। रविवार को सैहबकर्मियों का सफाई अभियान खत्म हो गया। इसके बावजूद खलीणी और न्यू शिमला वार्ड के ज्यादातर इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हैं। इन वार्डों में अभी भी जंगलों, नालों और रास्तों पर जगह जगह कूड़ा बिखरा पड़ा है।
खलीणी में हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां सैहबकर्मियों ने एक दिन भी सफाई अभियान नहीं चलाया। सितंबर माह में हड़ताल के दौरान का फेंके गए कूड़े के ढेर जस के तस है। स्थानीय लोगों के कहने पर भी सैहबकर्मी सफाई नहीं कर रहे। न्यू शिमला में भी कई जगह सफाई नहीं हो पाई है। गौरतलब है कि नगर निगम से किए समझौते के अनुसार सैहबकर्मियों ने हर वार्ड में सफाई अभियान चलाने का वायदा किया था। इसके बाद ही इन कर्मचारियों को हड़ताल के दौरान की भी तनख्वाह दी जानी है। ज्यादातर वार्डों में अभियान चला भी, लेकिन कुछेक वार्ड ऐसे रह गए जहां इन कर्मचारियों ने अपनी ही यूनियन के फैसले पर अमल नहीं किया। सैहब कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह का कहना है कि खलीणी से शिकायतें मिली हैं। यहां अभियान नहीं चला। अगर काम नहीं किया तो तनख्वाह कट सकती है। ज्यादातर वार्डों में हमने काम पूरा कर लिया है। मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि सफाई अभियान की समीक्षा के बाद ही तनख्वाह पर फैसला लिया जाएगा।